वर्ष 2013 की भीषण आपदा में रुद्रप्रयाग के केदारघाटी के आपदा पीड़ितों के लिए भी अंकोला पुरोहित मददगार साबित हुए। उन्होंने आपदा प्रभावितों की मदद के लिए एलडीआरएफ (लोकल डिजास्टर रिलीफ फोर्स) का गठन किया।
इसमें स्थानीय व्यापारियों व युवाओं का ग्रुप बनाकर आपदा प्रभावितों के लिए रसद, कपड़े और तिरपाल की व्यवस्था कराई गई। पिछले आठ सालों में एलडीआरएफ की ओर से चमोली से लेकर रुद्रप्रयाग जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में निर्धन व असहाय लोगों को मदद पहुंचाई गई।
पहाड़ी की संस्कृति के संरक्षण के लिए आए आगे
अंकोला पुरोहित पहाड़ की संस्कृति के संरक्षण के लिए भी आगे आए हैं। प्रतिवर्ष अंकोला के नेतृत्व में चमोली जिले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसमें लोक कलाकारों को मंच प्रदान किया जाता है। वहीं, बच्चों को आत्म निर्भर बनाने के लिए उन्हें निशुल्क ताइक्वांडो प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करवाई गई है।