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हरिद्वार: संतों की मौजूदगी में वसीम रिजवी की विवादित किताब ‘मोहम्मद’ का विमोचन, बताया अपनी जान को खतरा

Sat, 13 Nov 2021 11:12 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

वसीम रिजवी ने इस्लाम को हिंदू समाज के लिए खतरा बताया और जिहादियों से खुद की जान को खतरा भी बताया।
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शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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सलमान खुर्शीद की किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ पर सियासी बवाल अभी थमा नहीं, कि शुक्रवार को हरिद्वार में संतों की मौजूदगी में यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी की विवादित किताब ‘मोहम्मद’ का विमोचन हो गया। रिजवी ने कहा कि किताब से इस्लाम और मोहम्मद की असलियत दुनिया के सामने आएगी। इसके साथ ही उन्होंने खुद की हत्या की आशंका भी जताई। रिजवी ने कहा कि कुछ खतरनाक संस्थान हैं, जो आगामी 20 वर्षों में हिंदुओं अस्तित्व मिटाने की तैयारी में हैं।

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सनातन धर्म से अच्छा कोई धर्म नहीं
शुक्रवार को हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में वसीम रिजवी ने कहा, हिंदुओं को झूठा दिखाने के लिए अदालतों तक में ये बातें कही गईं कि राम थे ही नहीं। जबकि, सनातन धर्म से अच्छा कोई धर्म नहीं है। इस किताब के विमोचन के बाद उन पर और स्वामी यति नरसिंहानंद गिरि पर देशभर में हमले होंगे। अभी चुनाव करीब है। सियासी पार्टियां मुसलमानों का वोट हासिल करना चाहती हैं, लेकिन हर प्लेटफार्म पर हिंदुओं को अपनी ताकत बनानी और बचानी चाहिए। वसीम रिजवी ने कहा कि पुस्तक के विमोचन के बाद अगर उनकी हत्या हो जाती है तो महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद गिरि सनातन रीति-रिवाजों से उनका अंतिम संस्कार करें।

महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि जितनी भी बातें आज तक उन्होंने कहीं, वसीम रिजवी ने उन्हें साबित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिहाद संपूर्ण मानवता के लिए खतरा है। दुनिया के हर व्यक्ति को सम्मान और आजादी के साथ रहने का अधिकार है। उन्होंने वसीम रिजवी को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग उठाई।
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मस्जिदों में जुमे की नमाज के दौरान वसीम रिजवी पर पढ़ा गया लाहौल
यूपी वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी पर बरेली की मस्जिदों में जुमे की नमाज के दौरान लानत भेजी गई और लाहौल पढ़ा गया। पैगंबरे इस्लाम पर विवादित किताब लिखे जाने से मुसलमान वसीम रिजवी से नाराज हैं। नबीरे आला हजरत मौलाना मन्नान रजा खां मन्नानी मियां ने पिछले दिनों इमामों से अपील की थी कि जुमे की नमाज में वसीम रिजवी पर लाहौल पढ़ा जाए, क्योंकि वह इस्लाम के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। इससे इस्लाम को मानने वालों के दिलों को ठेस पहुंची है। शुक्रवार को जामा मस्जिद, दरगाह आला हजरत स्थित रजा मस्जिद, ठिरिया निजावत खां और शहर की कई दूसरी मस्जिदों में जुमे की नमाज के दौरान वसीम पर लाहौल पढ़ा गया।

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