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तालिबान का कहर: अफगानिस्तान में फंसे देहरादून के चार लोग सकुशल घर पहुंचे, अभी भी कई लोग फंसे

Fri, 20 Aug 2021 02:10 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

अफगानिस्तान में बड़ी संख्या में दून के लोग नौकरी के लिए गए हैं। इसमें से अधिकतर पूर्व सैनिक हैं। यह वहां दूतावासों के साथ ही विभिन्न कंपनियों में सुरक्षा में तैनात थे।
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अफगानिस्तान - फोटो : self
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विस्तार
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अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां फंसे देहरादून के गल्जवाड़ी क्षेत्र के चार लोग सकुशल घर पहुंचे। इससे परिजनों ने राहत की सांस ली। चारों लोग दुबई से इंग्लैंड होते हुए भारत पहुंचे। हालांकि, गल्जवाड़ी, नेहरू ग्राम, ठाकुरपुर, श्यामपुर के दर्जनों लोग अभी भी काबुल में फंसे हुए हैं।

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अफगानिस्तान में बड़ी संख्या में दून के लोग नौकरी के लिए गए हैं। इसमें से अधिकतर पूर्व सैनिक हैं। यह वहां दूतावासों के साथ ही विभिन्न कंपनियों में सुरक्षा में तैनात थे। तालिबान के कब्जे के बाद कंपनियां बंद हो गईं। इससे यह लोग वहीं फंसे गए। ग्राम प्रधान लीला शर्मा ने बताया कि उनके क्षेत्र के दीपक अधिकारी, पूरण थापा, अजय थापा, प्रेम कुमार सकुशल अपने घर पहुंच चुके हैं।

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जबकि श्याम ठकुरी, संदीप थापा और पदम सहित अन्य लोग वहीं फंसे हुए हैं। परिजन लगातार उनके संपर्क में हैं। फंसे सभी लोग सुरक्षित बताए गए हैं, लेकिन वहां उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। श्यामपुर, ठाकुरपुर क्षेत्र के पूर्व सैनिकों से भी उनके परिजन संपर्क में हैं।

अफगानिस्तान से लौटे प्रेम कुमार ने बताया कि वह एक कंपनी में काम करते थे। तालिबान के कब्जे के बाद कंपनी ने उन्हें एयरपोर्ट तक पहुंचाया। एयपरपोर्ट पर नाटो के सैनिक मौजूद हैं। वहां से उन्हें विमान से दुबई भेजा गया। दुबई से रात एक बजे की फ्लाइट से इंग्लैंड भेजा गया। इसके बाद वह भारत पहुंचे। उन्होंने बताया कि भारत पहुंचने में उन्हें करीब तीन दिन लग गए। कहा कि अभी भी वहां काफी लोग फंसे हुए हैं।

फंसे लोग वीडियो जारी कर लगा रहे गुहार
अफगानिस्तान में अभी भी कई लोग फंसे हैं। वह लगातार वीडियो जारी कर उन्हें सुरक्षित भारत भेजने की गुहार लगा रहे हैं। फंसे हुए लोगों के परिजनों की सांसे अटकी हुई हैं। वह लगातार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं।

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विदेश भेजने वाली एजेंसियों से भी डाटा जुटा रही पुलिस 

अफगानिस्तान में वास्तव में कितने लोग देहरादून के रह रहे हैं, इसका पता लगाने के लिए अब पुलिस एजेंसियों से संपर्क कर रही है। यहां पर कई ऐसी एजेंसियां हैं जो पूर्व सैनिकों को विदेशों में भेजती हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस को 80 लोगों के नाम, पता और कई लोगों के नंबर भी मिले हैं। इनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। 

बता दें कि अफगानिस्तान में सुरक्षा गार्ड बनने के लिए भी लोग यहां से जाते हैं। इन्हें वहां भेजने और नौकरी दिलाने का काम विभिन्न प्लेसमेंट एजेंसियां करती हैं। यह एजेंसियां ज्यादातर कैंट थाना क्षेत्र में हैं। अब इनमें पड़ताल के लिए एलआईयू और स्थानीय पुलिस की दो टीमें बनाई गई हैं। इन एजेंसियों से लोगों के नाम और पता लिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को लगभग 80 लोगों के नाम, पता व कुछ के नंबर भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार इनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। 

बता दें कि कुछ एजेंसियों से जुड़े कई मामले धोखाधड़ी के भी सामने आए थे। कई पूर्व सैनिकों से रुपये तो ले लिए गए थे, लेकिन उन्हें कहीं भेजा नहीं गया था। एसटीएफ और आर्मी इंटेलीजेंस भी इसकी जांच कर रही है। पिछले दिनों भी एक मामले में कार्रवाई हुई थी। हालांकि, इनके पास किन-किन लोगों का डाटा है इसकी पड़ताल भी की जा रही है। 

एलआईयू को सभी एजेंसियों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। वहां से जो डाटा मिलता है उसकी तस्दीक कराई जा रही है। इसके बाद पूरा डाटा तैयार किया जाएगा। लोग इमरजेंसी डायल 112 पर भी अपने परिजनों की जानकारियां दे रहे हैं।
- डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी
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