अफगानिस्तान में वास्तव में कितने लोग देहरादून के रह रहे हैं, इसका पता लगाने के लिए अब पुलिस एजेंसियों से संपर्क कर रही है। यहां पर कई ऐसी एजेंसियां हैं जो पूर्व सैनिकों को विदेशों में भेजती हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस को 80 लोगों के नाम, पता और कई लोगों के नंबर भी मिले हैं। इनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।
बता दें कि अफगानिस्तान में सुरक्षा गार्ड बनने के लिए भी लोग यहां से जाते हैं। इन्हें वहां भेजने और नौकरी दिलाने का काम विभिन्न प्लेसमेंट एजेंसियां करती हैं। यह एजेंसियां ज्यादातर कैंट थाना क्षेत्र में हैं। अब इनमें पड़ताल के लिए एलआईयू और स्थानीय पुलिस की दो टीमें बनाई गई हैं। इन एजेंसियों से लोगों के नाम और पता लिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को लगभग 80 लोगों के नाम, पता व कुछ के नंबर भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार इनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।
बता दें कि कुछ एजेंसियों से जुड़े कई मामले धोखाधड़ी के भी सामने आए थे। कई पूर्व सैनिकों से रुपये तो ले लिए गए थे, लेकिन उन्हें कहीं भेजा नहीं गया था। एसटीएफ और आर्मी इंटेलीजेंस भी इसकी जांच कर रही है। पिछले दिनों भी एक मामले में कार्रवाई हुई थी। हालांकि, इनके पास किन-किन लोगों का डाटा है इसकी पड़ताल भी की जा रही है।
एलआईयू को सभी एजेंसियों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। वहां से जो डाटा मिलता है उसकी तस्दीक कराई जा रही है। इसके बाद पूरा डाटा तैयार किया जाएगा। लोग इमरजेंसी डायल 112 पर भी अपने परिजनों की जानकारियां दे रहे हैं।
- डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी