रोप-वे, पुल और सुरंगों के निर्माण में दे रहा तकनीक
संस्था सिर्फ सस्ते कंक्रीट का फार्मूला देने तक सीमित नहीं है। राज्य में पुल-रोप-वे व सुरंगों के निर्माण में भी यह संस्था तकनीक मुहैया करा रहा है। ब्रिडकुल की आठ परियोजनाओं में यह संस्था अपनी तकनीक दे चुका है। यहां पर पुराने पुलों की उम्र पता लगाने के लिए फेरो मैग्नेटिक मशीन से पुल के एक हिस्से का एक्स-रे किया जाता है। पुल में शेष सरिये से उम्र का पता चल जाता है। पशुलोक बैराज समेत राज्य के कई पुलों का एक्स-रे संस्थान कर चुका है। वहीं स्टील टेस्टिंग से सरिया की लोड लेने की क्षमता का भी यहां पता लगाया जाता है।
नहरों में करा दी जियो टेक्सटाइल की कोटिंग
जियो टेक्सटाइल की कोटिंग वह तकनीक है जिसमें नहर की तलहटी में फाइबर के साथ सीमेंट व कंक्रीट को मिलाकर की जाती है। इससे नहर में कटान नहीं होता। बाढ़ आने पर अधिक नुकसान होने की संभावना भी कम हो जाती है। संस्था की ओर से तकनीक सहयोग कर ढ़करानी चैनल पावर प्रोजेक्ट डाकपत्थर में फाइबर कोटिंग कराई गई है। कई अन्य जल विद्युत परियोजनाओं में भी इस तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है।