प्रदेश में पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की ओर से आठ नए सब स्टेशन और दो बिजली लाइन बिछाई जाएंगी। उत्तराखंड ट्रांसमिशन सुदृढ़ीकरण और वितरण सुधार कार्यक्रम (यूटीएसडीआईपी) के तहत एडीबी की ग्रांट से होने वाले इन कार्यों को नियामक आयोग ने हरी झंडी दे दी है। पिटकुल की ओर से जनवरी में दस प्रोजेक्ट की डीपीआर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में पेश की गई थी।
इसके तहत लंढोरा में 400 गुणा 220 केवी के सब स्टेशन और विद्युत लाइन, मंगलौर में 220 गुणा, 132 गुणा, 33 केवी का सब स्टेशन, धौलाखेड़ा में 132 गुणा, 33 केवी का सब स्टेशन, खटीमा-2 में 132 गुणा 33 केवी का सब स्टेशन, सरवरखेड़ा ऊधमसिंह नगर में 132 केवी का सब स्टेशन, सेलाकुईं में 220 गुणा 33 केवी के सब स्टेशन, लोहाघाट में 132 गुणा 33 केवी का सब स्टेशन, देहरादून के आराघर में 132 केवी का सब स्टेशन और महुवाखेड़ा से जसपुर के बीच 23 किलोमीटर विद्युत लाइन व पिथौरागढ़ से चंपावत के बीच 39.33 किलोमीटर विद्युत लाइन का कुल 843.72 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था। नियामक आयोग ने इन सभी डीपीआर को मंजूरी दे दी है। इन प्रोजेक्ट के लिए 90 प्रतिशत पैसा एडीबी से ग्रांट के तौर पर मिलेगा। इन सब स्टेशन की स्थापना से प्रदेश में बिजली आपूर्ति की राह आसान हो जाएगी।
ये भी पढ़ें...चंपावत उपचुनाव: प्रचार को धार देने पहुंचेंगे कांग्रेस के 30 स्टार प्रचारक, राहुल- प्रियंका सहित ये बड़े नाम शामिल
सेलाकुई को लंबे समय बाद मिलेगी निजात
सेलाकुई इंडस्ट्रिल एरिया में फिलहाल झाझरा स्थित सब स्टेशन के माध्यम से आपूर्ति हो रही है। यहां औद्योगिक क्षेत्र में लोड होने की वजह से कई बार बिजली कटती है। कई बार रास्ते में आंधी, तूफान की वजह से भी दिक्कतें आती रही हैं। इसी तरह, देहरादून शहर में मुख्यत: आपूर्ति के लिए हर्रावाला को छोड़कर अन्य कोई सब स्टेशन नहीं है। लोड जिस हिसाब से बढ़ा है, उस हिसाब से आराघर में सब स्टेशन बनने से आपूर्ति की राह आसान हो जाएगी। पहाड़ में भी नई विद्युत लाइनें बिछने और सब स्टेशन बनने से काफी राहत मिलेगी।