करीब साढ़े पांच बजे गुलदारों के इस बाड़े से वनमंत्री ने हरा त्रिपाल उठाया। इसके साथ ही वहां मौजूद पर्यटकों ने भी गुलदारों को देखा। अपने बाड़े से त्रिपाल उठने के बाद गुलदारों ने वहां खूब अठखेलियां कीं। एक साल बाद बाड़े से हटे इस अंधियारे से मानो इनके सामने एक नया उजाला था। चिड़ियाघर प्रशासन ने इन दोनों को राजा रानी नाम दिया है। चिड़ियाघर रेंजर विनोद कुमार लिंगवाल ने बताया कि इस बाड़े में पहले भी राजा रानी नाम के गुलदार रहते थे। ऐसे में यह बाड़ा ही राजा रानी का है। लिहाजा इन दोनों को भी यही नाम दिया गया है।
बाघों के शावकों के लिए भी जल्द मिलेगी अनुमति : उनियाल
वनमंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह खुशी का पल है जब इन दो मेहमानों को जनता के देखने के लिए प्राधिकरण से अनुमति मिल गई है। अब रोजाना इनके दीदार किए जा सकेंगे। चिड़ियाघर प्रशासन की भी उन्होंने इस कदम के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों यहां पर बाघ के दो शावकों को भी लाया गया था। लेकिन, इनकी भी डिस्प्ले की अनुमति न होने के कारण जनता इनके दीदार नहीं कर सकती है। अब जल्द ही इनके लिए भी अनुमति मिल जाएगी।