आरोपी दंपति यहां से सीधे गुजरात चला गया था। दोनों ही हीरा तराशने का काम जानते हैं। यहां भी इनकी दुकान हीरे के ज्वेलरी तैयार करने वाली थी। गुजरात में इन्होंने पहले इस काम को किया और फिर प्रॉपटी में ब्रॉकर बन गए।
कुछ साल बाद ये वहां से भी निकल गए और मुुंबई में अपनी पहचान छुपाकर रहने लगे। बीते दिनों कोविड काल में काम सब चौपट हो गया। कर्ज भी लिया, लेकिन काम नहीं चला। इसके बाद दो माह पहले ही ये नोएडा आकर रहने लगे। यहां पुलिस ने इन्हें दबोच लिया।
बेटे के स्कूली दस्तावेजों से मिली लीड
पुलिस लगातार इनकी खोजबीन में जुटी थी। इसी बीच पता चला कि दंपति का बेटा यहां एक स्थानीय स्कूल में पढ़ता था। पुलिस ने स्कूल में उसके दस्तावेजों से अहम जानकारी जुटाई। स्कूल से आधार कार्ड आदि के बारे में भी जानकारी मिली। बीते दिनों एक नंबर भी आरोपियों का पुलिस को मिल गया। इसी से लीड लेते हुए पुलिस इन दोनों तक पहुंच गई।