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हाथ पर 'आई लव यू' लिखकर पेड़ पर झूल गईं सहेलियां

Wed, 08 Apr 2015 07:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊखीमठ (रुद्रप्रयाग)
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रुद्रप्रयाग के गिरिया गांव में लापता चल रही दो युवतियों का शव संदिग्ध अवस्था में गांव से करीब 4 किमी दूर जाखधार के जंगल में बुरांश के पेड़ से लटके मिले।
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दोनों के हाथ पर आईलव यू और लड़कों के नाम लिखे थे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

दोनों मृतक युवतियां रविवार शाम से लापता चल रही थीं। ढूंढने के बाद भी उनका पता नहीं चल पाया था। मंगलवार को दोनों युवतियों का शव एक पेड़ से लटका देखकर ग्रामीण सन्न रह गए। इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी।

प्रभारी थानाध्यक्ष श्याम लाल कोहली ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गले नहीं उतर रहा अनीता-सुनीता का यह कदम

मनसूना घाटी के गिरिया गांव की दो युवतियों द्वारा आत्महत्या का मामला न घर वालों की समझ में आ रहा है और न गांव वालों की। बुरांश के पेड़ की अलग-अलग शाखाओं पर चुन्नी से झूलती लाशों को उतारकर देखा तो दोनों युवतियों के हाथ पर जो कुछ लिखा था, उसे देख घर और गांव वाले हैरान हैं।

मृतिका अनीता (20) अपने परिवार में पांच भाई-बहनों में चौथी थी। उसके पिता नरेंद्र सिंह राणा शारीरिक रूप से कुछ अक्षम हैं। सुनीता (20) भी अपने परिवार में चार भाई बहनों में सबसे छोटी थी। उसके पिता कमल सिंह बर्त्वाल बमुश्किल गंभीर बीमारी से उबरे हैं।

बेटियों की मौत से जहां माता-पिता सदमे में हैं। वहीं गांव में भी मातम है। अनीता के मामा व सुनीता के चाचा का कहना है कि दोनों सुशील और सौम्य थीं। जीआईसी मनसूना से दोनों ने इंटर की पढ़ाई की थी।
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रविवार की शाम से दोनों का नहीं था पता

अनीता इस वर्ष बीए द्वितीय वर्ष की व्यक्तिगत परीक्षा दे रही थी। जबकि सुनीता प्रथम वर्ष की। घर, परिवार, कुटंभ और गांव में उनका व्यवहार भी अच्छा था।

ग्राम प्रधान गिरिया मदन सिंह वर्त्वाल ने बताया कि 5 अप्रैल को दोनों बेटियां लकड़ी लाने के लिए जंगल गईं। घर वालों ने उन्हें पहले मना कर दिया था। लेकिन दोनों की जिद के कारण जाने दिया।

शाम चार बजे तक नहीं लौटीं तो खोजबीन शुरू हुई। 6 अप्रैल को भी दिन-रात गाड़-गदेरे और पूरा जंगल क्षेत्र छान मारा। लेकिन पता नहीं चला। ग्राम प्रधान का कहना है कि दोनों से कभी किसी ने उनसे इस तरह की उम्मीद नहीं की थी।
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