पुलिस को दी गई तहरीर में काशीपुर निवासी महिला ने कहा है कि एक वर्ष पूर्व उसकी शादी मुरादाबाद निवासी युवक से हुई थी।
उसका पति और ससुराली कारोबार के सिलसिले में दिल्ली में रहते हैं। शादी के कुछ माह बाद पति उसे अपने साथ दिल्ली ले गया, जबकि उसके पिता की ओर से दहेज में दिया गया सामान उसने मुरादाबाद स्थित अपने मकान में ही छोड़ दिया।
दिल्ली जाकर उसे पता लगा कि उसका पति हवस के लिए पत्नियां बदलने वाले क्लब का सदस्य है। महिला का आरोप है कि पति के कई महिलाओं से अवैध संबंध भी हैं। इन महिलाओं और उनके पतियों का उसके घर आना-जाना है। पति ने खुद उसे अपने संबंधों के बारे में बताया और कहा कि तुम्हें भी मेरे दोस्तों के साथ संबंध बनाने होंगे।
महिला का कहना है कि विरोध करने पर पति ने उसे कई बार बेरहमी से पीटा। सास और देवरों से शिकायत करने पर उन्होंने भी घर बनाए रखने के लिए पति का कहना मानने की नसीहत दी।
आरोप है कि एक रात उसके कमरे में दो व्यक्ति घुस आए। उस समय उसका पति घर में ही था। इन लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। बचाव के लिए उसने शोर मचाया। अपनी आबरू बचाने के लिए उसकी दोनों लोगों के साथ हाथापाई की। शोर सुनकर उसका पति भी कमरे में आ गया। इन लोगों के साथ संबंध न बनाने पर पति ने उसके साथ मारपीट की।
किसी तरह ससुरालियों के चंगुल से बचकर वह काशीपुर अपने पिता के घर आई। महिला की शिकायत पर महिला हेल्पलाइन में काउंसिलिंग की गई, लेकिन आरोपी पक्ष बयान देने नहीं पहुंचा। शुक्रवार को पुलिस ने धारा 376, 511, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं गढ़वाल के श्रीनगर शहर में एक 46 वर्षीय व्यक्ति ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ की। विद्यालय की प्रधानाचार्य ने इस संबंध में कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस छेड़छाड़ के आरोपी को मानसिक रोगी बता रही है।
शुक्रवार को सुबह स्कूल आते समय 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ 46 वर्षीय व्यक्ति ने छेड़छाड़ की। घबराई छात्रा विद्यालय में रोते हुए पहुंची। जिसपर शिक्षिकाओं ने उससे कारण पूछा तो छात्रा ने पूरा घटनाक्रम बताया। विद्यालय की प्रधानाचार्य ने इस संबंध में कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
वहीं पुलिस छेड़छाड़ करने वाले व्यक्ति को पागल बता रही है। हालांकि पुलिस मामले की जांच किए जाने की बात भी कह रही है। कोतवाल एनएस बिष्ट ने कहा कि शिकायती पत्र के आधार पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश बना हुआ है। लोगों का कहना है कि उक्त व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
बेटी के साथ दुराचार का प्रयास करने वाले पिता को विशेष सत्र न्यायाधीश ने पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार, डीडीहाट क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय किशोरी अपने पिता के साथ रहती थी। दो नवंबर-2016 की रात उसने अपनी बेटी के साथ दुराचार का प्रयास किया। किशोरी किसी तरह से अपने पिता के चंगुल से निकलने में कामयाब रही। इस घटना के अगले दिन किशोरी ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर अपने साथ हुए उत्पीड़न की सूचना दी। इस पर पिथौरागढ़ से चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्यों ने गांव पहुंचकर जानकारी हासिल की। किशोरी ने करीब बीस दिन पहले भी पिता पर इस तरह की हरकत करने का आरोप लगाया।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने अपने दोनों बेटों को घर से निकाल दिया था। किशोरी की शिकायत पर राजस्व पुलिस में आरोपी पिता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376/511 सहित पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। यह मामला बाद में पुलिस को हस्तांतरित हुआ। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। मामले में अदालत में राजस्व उपनिरीक्षक, पुलिस अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य, चिकित्सक और पीड़िता के भाई सहित अन्य गवाह प्रस्तुत किए गए।
शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी ने दुराचार का प्रयास करने पर किशोरी के पिता को दोषी पाते हुए पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया।