मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा। पहली कैबिनेट में इसका प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। गृह मंत्री ने भी इसे लागू करने की बात कही है। हम देश के सभी राज्यों से अपील करते है कि वे भी अपने राज्य में इसे लागू करें। एक देश है तो एक कानून होना चाहिए।
राष्ट्र विरोधी तत्व उत्तराखंड में नहीं रहेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सीमावर्ती राज्य है। सामरिक दृष्टि से राज्य संवेदनशील है। इसे देखते हुए सरकार ने पुलिस विभाग के माध्यम से एक सत्यापन का अभियान शुरू किया है। सरकार पूरी तरह से सतर्क है। सत्यापन अभियान के सार्थक परिणाम सामने आएंगे। जो भी सामाजिक राष्ट्रविरोधी तत्व है, वे उत्तराखंड में नहीं रहेंगे।
ये भी पढ़ें...खौफनाक: मामी की चाहत में भांजे ने खेला खूनी खेल, मामा को दी रूह कंपाने वाली मौत, हत्या का तरीका देख कांप उठे पुलिसवाले
लोगों को पर्यटन शिक्षा चिकित्सा से जोड़ेंगे
सीएम ने कहा कि स्थानीय लोगों को पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा से जोड़ने के लिए सरकार काम कर रही है। पहाड़ों में निजी स्कूल खोलना, पर्यटन में होम स्टे खोलना हमारी योजना में है। हेमकुंड साहिब और केदारनाथ धाम के लिए रोपवे निर्माण किया जाएगा।