देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित आसाराम के ‘अवैध’ आश्रम पर पदाधिकारियों को शुक्रवार (13 सितंबर) तक जवाब दाखिल करना है।
जवाब न मिला या एमडीडीए दाखिल जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ तो आश्रम को सील करने का आदेश जारी किया जा सकता है।
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स्वीकृत मानचित्र के विपरीत
अमर उजाला ने तीन अक्तूबर के अंक में ‘आसाराम का सत्संग अवैध आश्रम में’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में खुलासा किया था कि सहस्त्रधारा रोड पर बने आसाराम आश्रम का निर्माण एमडीडीए से स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किया गया है।
इसके बाद प्राधिकरण ने आश्रम को नोटिस जारी कर 13 सितंबर तक पक्ष रखने को कहा है। बृहस्पतिवार तक आश्रम का पक्ष प्राधिकरण को नहीं मिला था। एमडीडीए सचिव बंशीधर तिवारी ने कहा कि जवाब मिलने के बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
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मिलने पहुंचे आर्किटेक्ट
आश्रम ने एमडीडीए के समक्ष अपना पक्ष तो नहीं रखा, लेकिन आसाराम के आर्किटेक्ट आरपी संगल ने बृहस्पतिवार को एमडीडीए सचिव बंशीधर तिवारी से ‘व्यक्तिगत’ मुलाकात की। उन्होंने बातचीत में आश्रम का पक्ष रखने की कोशिश की, लेकिन सचिव ने स्पष्ट किया कि जवाब लिखित में ही चाहिए।
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निगम की जमीन पर भी कब्जा
सूत्रों की मानें तो सहस्त्रधारा रोड पर आश्रम के पास ही स्थित नगर निगम की भी कुछ जमीन आश्रम ने कब्जा ली है। इस जमीन को आश्रम प्रबंधन मैदान की तरह इस्तेमाल कर रहा है। यहां कोई निर्माण नहीं किया गया है। हालांकि, निगम स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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इनकी भी सुनिए
शुक्रवार को जवाब दाखिल किया जाएगा। शमन करने के लिए पूर्व में शुल्क जमा किया जा चुका है। अब नए मानकों के आधार पर आश्रम को नोटिस भेजा गया है, जो ठीक नहीं है।
- आरपी संगल, आर्किटेक्ट आसाराम आश्रम