छात्रा की कॉपी में अश्लील बातें लिखने पर हॉस्टल वार्डन, प्रिंसिपल और मां-बाप की फटकार के बाद नौवीं के छात्र ने स्कूल हॉस्टल के टायलट में चुन्नी के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने छात्र के पिता की तहरीर के आधार पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि निशांत की हरकत पर बुधवार रात हॉस्टल वार्डन ने उसकी पिटाई की थी।
तस्वीरों में देखें...राजनीति के बीच केदारबाबा का 'महाभिषेक'
मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा नवीं का छात्र निशांत सिंह (14) पुत्र डा. राजीव सिंह मूलरूप से कंकरखेडा मेरठ का रहने वाला था।
दरवाजा अंदर से बंद
डा. राजीव सिंह मेरठ में नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर तैनात हैं। बृहस्पतिवार सुबह सभी छात्र जॉगिंग के लिए निकल गए, जबकि निशांत डोरमेटरी में अकेला रह गया। छात्र लौटे तो शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद था।
काफी देर तक नॉक करने के बाद जब छात्रों ने जबरन दरवाजा खोला तो उनके होश उड़ गए। निशांत को फंदे से लटका देखकर उन्होंने स्कूल प्रबंधन को सूचना दी।
क्लास की किसी लड़की से प्यार
निशांत को तुरंत राजकीय सेंटमेरी अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस और स्कूल की प्रिंसिपल मंजरी बख्शी ने बताया कि निशांत अपने ही क्लास की किसी लड़की से प्यार करता था।
पढें, राजधानी में चौथा दिन, दूसरी हत्या और नाकाम पुलिस
बीते दिन निशांत ने लड़की की नोट बुक में कुछ अश्लील बातें लिखी थी। हॉस्टल वार्डन और स्कूल प्रशासन ने बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे निशांत के पिता डा. राजीव सिंह को फोन पर इसकी जानकारी दी।
फोन पर खूब डांटा
इसके बाद डा. राजीव ने निशांत को फोन पर खूब डांटा। उन्होंने बृहस्पतिवार को स्कूल आने की बात भी उससे कही थी। लेकिन, उनके पहुंचने से पहले ही निशांत ने फांसी लगाकर जान दे दी।
पुलिस की पूछताछ ने अन्य छात्रों ने बताया कि बुधवार रात हॉस्टल वार्डन ने निशांत की जमकर पिटाई की थी। साथ ही छात्रा की नोटबुक में लिखी बातें परिजनों को दिखाने की बात कही थी। इससे निशांत काफी घबरा गया था।
पढें, उत्तराखंड में बज गई आसाराम की बैंड, आश्रमों पर गिरी गाज
कहां से आई चुन्नी
निशांत ने चुन्नी के सहारे फांसी लगाई थी। यह चुन्नी उसे कहां से मिली, इस सवाल का जवाब अभी नहीं मिल पाया है। उसने टायलट की छत में लगी लकड़ी की स्पोर्ट बीम के सहारे फांसी का फंदा बनाया था। यह बीम करीब 10 फिट ऊंचा है। सामान्य कद का निशांत इस बीम तक कैसे पहुंचा, यह सवाल भी अभी उलझा हुआ है।
स्कूल से छह माह पहले भागे थे कई छात्र
मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल और विवादों का पुराना नाता है। छह माह पहले स्कूल से कई छात्र भाग गए थे, जिन्हें रात के समय देहरादून में पकड़ा गया।
तब छात्रों ने हॉस्टल वार्डन पर मारपीट का आरोप लगाया था। स्कूल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने और स्टाफ की कमी से भी कई बार अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं।
पढें, ‘मिशन मोदी’ को रामदेव ने किया 'बैग पैक'
स्कूल ने मां-बाप को नहीं दी सूचना
निशांत की मौत के बाद भी उसके माता-पिता को सूचना नहीं दी गई। बृहस्पतिवार सुबह साढ़े दस बजे स्कूल पहुंचने के बाद ही डा. राजीव और उनकी पत्नी को घटना के बारे में मालूम पड़ा। उन्हें सब-इसंपेक्टर आरपी सती ने घटना की सूचना दी। निशांत का छोटा भाई ईशांत भी इसी स्कूल में कक्षा छह का छात्र है।
पढें, नीरू हत्याकांडः कुछ अनुसुलझे सवाल अभी बाकी
ईशांत को भी भाई की मौत का पता तब चला, जब उसके माता-पिता रोने लगे। दोनों भाइयों का एडमीशन इसी साल स्कूल में कराया गया था। निशांत के पिता डा. राजीव सिंह ने कहा कि वे स्कूल प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने स्कूल पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया।