फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SA vs SL: श्रीलंका के खिलाफ मैच में हुई क्विंटन डिकॉक की वापसी, घुटने पर बैठकर सुधारी गलती, जानें पूरा मामला

Sat, 30 Oct 2021 05:12 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, शारजाह

सार

दक्षिण अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक ब्लैक लाइव्स मैटर से जुड़े विवाद के बाद एक बार फिर से प्लेइंग XI में लौट आए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में टीम से बाहर रहे डिकॉक श्रीलंका के खिलाफ मैच में उतरे।
विज्ञापन
क्विंटन डिकॉक - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दक्षिण अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक ब्लैक लाइव्स मैटर से जुड़े विवाद के बाद एक बार फिर से प्लेइंग XI में लौट आए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में टीम से बाहर रहे डिकॉक श्रीलंका के खिलाफ मैच में उतरे। शारजाह में दोनों टीमों के बीच ग्रुप मुकाबला खेला जा रहा है। इसमें दक्षिण अफ्रीकी टीम टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी कर रही है।    

विज्ञापन


मैच की पहली गेंद फेंके जाने से पहले दक्षिण अफ्रीकी टीम ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान को अपना समर्थन देने के लिए घुटने पर बैठी। इसमें डिकॉक ने भी उनका साथ दिया और खुद भी एक घुटने पर बैठे नजर आए। 

क्या था विवाद?
इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में उन्होंने घुटने के बल बैठने से इंकार कर दिया था और मैच से हट गए थे। इसे लेकर काफी विवाद हुआ था और सोशल मीडिया पर एक बहस शुरू हो गई थी। 
विज्ञापन


डिकॉक के इस कदम की दक्षिण अफ्रीकी बोर्ड ने भी आलोचना की थी और उनसे इस मामले में जवाब तलब किया था। इसके बाद डिकॉक ने भी गुरूवार को अपना पक्ष रखा था और सबसे माफी मांगी थी। डिकॉक ने अपने बयान में कहा था कि वह ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान का समर्थन करते हैं और इसके लिए उन्हें घुटने पर बैठने से कोई दिक्कत नहीं है।

हालांकि इस पूरे विवाद में डिकॉक को टीम के पहले अश्वेत कप्तान तेम्बा बवुमा का साथ मिला था जिसके लिए बाएं हाथ के स्टार बल्लेबाज ने आभार जताया था। 

क्या है ब्लैक लाइव्स मैटर?
डेढ़ साल पहले अमेरिका में मिनेपोलिस शहर की पुलिस ने 25 मई, 2020 को अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड को धोखाधड़ी के आरोप में पकड़ा था। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हथकड़ी पहनाई और जमीन पर उल्टा लिटाकर उसकी गर्दन को घुटने से करीब नौ मिनट तक दबाए रखा। इससे जॉर्ज की सांसें रुक गईं और मौत हो गई। इसके बाद 40 से भी अधिक शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इस के बाद दुनियाभर में 'ब्लैक लाइव्स मैटर' अभियान की शुरुआत हुई। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें