24jjrp03- बेरी में रजाई तैयार करते कारीगर। संवाद
बेरी। मौसम में लगातार ठंड घुलती जा रही है। ठंड हवा और सुबह-शाम की ठंड ने लोगों को गर्म कपड़ों और रजाइयों की याद दिला दी है।
जैसे-जैसे तापमान में गिरावट आ रही है, वैसे ही बाजारों में रजाई, कंबल और गर्म कपड़ों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। इससे कपड़ा व्यापारियों और बिस्तर विक्रेताओं के चेहरे खिल उठे हैं। स्थानीय बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। दुकानों पर ऊनी स्वेटर, जैकेट, शॉल, टोपी और मफलर खरीदने वालों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं।
महिलाएं बच्चों के लिए गर्म कपड़े चुनने में व्यस्त है। वहीं पुरुष रजाई-कंबल की दुकानों पर मोलभाव करते नजर आ रहे हैं। सर्दी की शुरुआत के साथ ही पुराने गर्म कपड़ों की जगह नए फैशनेबल ऊनी कपड़े बाजार में छा गए हैं। रजाई विक्रेता ढिल्लू, कंबल विक्रेता संदीप गर्ग ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तापमान में अचानक गिरावट आई है, जिससे बिक्री में तेजी आई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए रजाइयों और गर्म कपड़ों की मांग सबसे अधिक है।
हर साल की तरह इस बार भी सर्दी के शुरू होते ही रजाई-कंबल की बिक्री ने रफ्तार पकड़ ली है। लोग अब हल्की रजाई की जगह मोटी रजाइयों को प्राथमिकता दे रहे हैं। सिंथेटिक और कॉटन की रजाइयां ग्राहकों को खूब पसंद आ रही हैं। कई लोग पुराने बिस्तर और रजाइयों की मरम्मत करवा रहे हैं तो कुछ नए खरीदने में जुटे हैं।
बाजार में न केवल गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी है बल्कि दर्जियों और रजाई सिलाई वालों के पास भी काम का दबाव बढ़ गया है। सिलाई दुकानों के बाहर ग्राहकों की भीड़ लगी हुई है। बाजार में चहल-पहल बढ़ने से व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं।