बहादुरगढ़। कॉन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) ने कर्मचारियों से किसी के बहकावे में आकर अपने रोजगार और उद्योगों को प्रभावित नहीं करने की अपील की है। कोबी ने नोएडा, फरीदाबाद और मानेसर में कर्मचारियों की ओर से किए गए विरोध-प्रदर्शनों की निंदा की।
कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग, उपाध्यक्ष विपिन बजाज, महासचिव प्रदीप कौल, संयुक्त सचिव सुरेंद्र वशिष्ठ, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि उद्योग और कर्मचारी एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों के आपसी तालमेल और भाईचारे से ही उद्योग सुचारू रूप से चलते हैं और इससे सरकार की राजस्व व्यवस्था भी मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की निष्ठा से उत्पादन बढ़ता है जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिलती है। कोबी ने न्यूनतम वेतन में करीब 35 प्रतिशत एकमुश्त वृद्धि पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि बिना समुचित विचार-विमर्श के लिया गया यह निर्णय उद्योगों और कर्मचारियों के बीच संतुलन को प्रभावित कर रहा है। यदि वेतन वृद्धि चरणबद्ध तरीके से लागू की जाती है तो मौजूदा हालात से बचा जा सकता था।
उन्होंने बताया कि उद्योग पहले ही कोविड-19, किसान आंदोलन और वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के चलते चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कच्चे माल की कमी और गैस सप्लाई में दिक्कतों के बीच यह निर्णय दोनों पक्षों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।
वेतन अधिसूचना से पहले ही विरोध शुरू होना किसी सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है। कोबी ने सरकार से पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों की पहचान करते हुए कार्रवाई की मांग की।
कर्मचारियों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं। कोबी ने भरोसा दिलाया कि वह इस कठिन समय में उद्योगों और कर्मचारियों के साथ खड़ी है तथा एलपीजी सिलिंडर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।