रियो ओलंपिक में लगी चोट के बाद तो चिकित्सकों ने विनेश को कुश्ती छोड़ने की सलाह तक दे दी थी। चिकित्सकों का कहना था कि अगर मेट पर वापसी की तो पैर भी खराब हो सकता है। इसके बावजूद विनेश ने हार नहीं मानी और करीब दस माह की कड़ी मेहनत के बाद दोबारा से मैट पर न केवल वापसी की, बल्कि अपनी ख्याति अनुरूप राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक भी जीते।
इन उपलब्धियों के कारण विनेश से है पदक की उम्मीद
- वर्ष 2013 में एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक
- वर्ष 2013 में कामनवेल्थ कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक
- वर्ष 2014 में राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2014 में एशियाई खेलों में कांस्य पदक
- वर्ष 2015 में एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक
- वर्ष 2016 में रियो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल में पहुंची लेकिन घुटने में चोट लगने से बाहर हुईं
- वर्ष 2016 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया
- वर्ष 2018 में राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2018 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2019 में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक
- वर्ष 2019 में पोलैंड ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2020 में रोम में रैंकिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2020 में राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा गया
- वर्ष 2021 में यूक्रेनियन रेसलर्स एंड कोचेज मेमोरियल टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2021 में पोलैंड ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक