चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय इस बार भी छात्रसंघ चुनाव नहीं कराएगा। अमूमन यह सितंबर में होता है। वहीं इस बारे में पीयू ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। इस कारण छात्रों ने भी उम्मीद छोड़ दी है।
कोरोना के कारण पिछले साल पीयू में छात्रसंघ चुनाव नहीं हो सके थे। हालांकि छात्रों ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा था कि अगर पुटा चुनाव हो सकता है तो छात्रसंघ चुनाव भी हो सकता है। इसके बावजूद इस पर कोई बात नहीं बनी। इस बार शिक्षण संस्थान खुले तो छात्रों ने यह मुद्दा फिर उठाया। पीयू ने पहले तो इस पर विचार करने की बात कही, लेकिन बाद में इसे दबा दिया गया और अब तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं हो पाया।
सूत्रों का कहना है कि अब यह चुनाव नहीं होगा, क्योंकि अभी पीयू केवल सीनेट के चुनाव में ही व्यस्त है। सीनेट का चुनाव होगा, उसके बाद अगले साल इस चुनाव की संभावनाएं बनेंगी। अब छात्र मांग कर रहे हैं कि सभी संगठनों के एक-एक पदाधिकारी को जोड़ा जाए और एक कमेटी बनाई जाए जो पीयू के अधिकारियों के साथ छात्रों के मुद्दों पर बैठक करेगी। अगर इस मांग ने जोर पकड़ा तो फिर पीयू के लिए दिक्कत होगी।