चंडीगढ़। पीयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने का मुद्दा फिर से गरमा गया है। कैंपस शिक्षकों के बीच से आवाज उठी है कि यह कार्य सीनेट को इस बार करना चाहिए। सीनेट में पहुंचे कई शिक्षक इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाएंगे। साथ ही पंजाब सरकार को भी मनाएंगे।
वर्ष 2008 में शिक्षकों का लंबा धरना-प्रदर्शन चला। उस दौरान शिक्षकों के सामने वेतन का संकट था। केंद्र सरकार पैसे देने के लिए तैयार हो गई थी। साथ ही पीयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने के लिए भी कहा गया। इस पर दबाव बनाया गया। पंजाब सरकार ने भी इसे स्वीकार कर लिया, लेकिन अचानक प्रस्ताव वापस ले लिया गया और पीयू केंद्रीय विश्वविद्यालय नहीं बन पाया। कई बार मुद्दा सीनेट में भी उठाया गया। कमेटी भी बनाई गई पर नतीजा सिफर रहा।
सूत्रों का कहना है कि अब भाजपा के सदस्यों का दखल बढ़ा है। साथ ही कई शिक्षकों ने भी पीयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने पर जोर दिया है। बताते हैं कि यह प्रस्ताव सीनेट में पहुंचेगा और बहुमत के आधार पर सदस्य इसे आगे बढ़ाएंगे। पंजाब सरकार को इसके लिए मनाना होगा, क्योंकि उसकी अनुमति के बिना यह संभव नहीं हो पाएगा।