33 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गोशालाओं को प्रति वर्ष 100 रुपये प्रति पशुधन मिलेगा। 51 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गोशालाओं को प्रति वर्ष 200 रुपये प्रति पशुधन दिया जाएगा। 76 प्रतिशत से 99 प्रतिशत तक अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गोशालाओं को प्रति वर्ष 300 रुपये प्रति पशुधन देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शत-प्रतिशत अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गोशालाओं को प्रति वर्ष 400 रुपये प्रति पशुधन दिया जाएगा। नंदी और अनुपयोगी गायों को रखने वाली गोशालाओं को प्रति वर्ष 400 रुपये प्रति पशुधन मिलेगा। उन्होंने हरियाणा गो सेवा अयोग को उपरोक्त नियमों और शर्तों के अनुसार एक विस्तृत बजट कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
संबंधित अधिकारियों और हरियाणा गो सेवा अयोग के सदस्यों को कहा कि गोशालाओं में रखे जाने वाले आवारा पशुओं की संख्या का सत्यापन किया जाए। प्रदेशभर की गोशालाओं में वर्तमान में रखे जा रहे उपयोगी, अनुपयोगी और निराश्रित पशुओं सहित कुल पशुओं की संख्या का डाटा भी तैयार करें।
आयोग की सिफारिश पर ही मिलेगा गोशालाओं को अनुदान
बैठक में निर्णय लिया गया कि गोशालाओं को दिया जा रहा अनुदान केवल हरियाणा गो सेवा आयोग की सिफारिशों पर प्रदान किया जाएगा। उपयोगी और अनुपयोगी पशुओं की श्रेणियों को फिर से परिभाषित करेंगे। गोशालाओं से बिजली की दरें दो रुपये प्रति यूनिट ली जाएंगी। बैठक में नई गोशालाओं को सस्ती दरों पर पंचायती जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में भी निर्णय लिया गया।