धार्मिक नेता संजीव बजाज ने कहा कि आस्था पर चोट करने वाले शरारती लोगों को इससे सबक लेना चाहिए। किसी के बहकावे में आकर ऐसा करने वालों के लिए यह सबक है। उन्होंने आशंका जाहिर की है कि यह कुछ ऐसी ताकतों का खेल है, जो पंजाब में हिंदू-सिख भाईचारे को चोट पहुंचाने की फिराक में हैं, जिसे किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी सभी धर्मों का निरादर: धंजल
पूर्व पार्षद व धार्मिक नेता राजिंदर सिंह धंजल कहते हैं कि ऐसी घटना बिल्कुल गलत हैं। हर धर्म समाज को जोड़ने का उपदेश देते हैं। श्री गुरुग्रंथ साहिब जी एक मिसाल है, जिसमें सिख गुरुओं के अलावा हिंदू-मुस्लिम संतों की अमूल्य वाणी अंकित है। जब हम श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के समक्ष नतमस्तक होते हैं तो हर धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं, जो शख्स श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करता है, वह सिख धर्म की ही नहीं, बल्कि समस्त धर्मों का निरादर करता है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी घटनाओं से हिंदू-सिख भाईचारे में दरार डालने वालों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।
खुफिया तंत्र और प्रशासन भी घटना के लिए जिम्मेदार
इस समय जो डर का माहौल बना है, उसके लिए केवल बेअदबी करने वाले ही नहीं, बल्कि पंजाब का खुफिया तंत्र, प्रशासन व सरकार भी बराबर के जिम्मेदार हैं। वहीं आईजी जीएस ढिल्लो से जब वायरल वीडियो में मृतक की ओर से दिल्ली से भेजे जाने के सवाल किया तो उन्होंने इस पर पूरी तरह से अनभिज्ञता व्यक्त की। वीडियो के हवाले से बात करें तो इन दोनों मामलों के पीछे किसी बड़ी साजिश की बू आ रही है। निकट भविष्य में इसकी परतें खुलकर सामने आ सकती हैं।
रात के समय कपूरथला-सुभानपुर रोड जाम कर दोबारा लगा दिया धरना
गांव निजामपुर में एक युवक की मौत के बाद जिला पुलिस की ओर से पूछताछ के लिए गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी सिंह अमरजीत सिंह बाबा को हिरासत में लिए जाने के विरोध में सिख जत्थेबंदियों के प्रतिनिधि फिर से भड़क उठे है। विरोध में रात के समय फिर से सिख संगत ने कपूरथला-सुभानपुर रोड पर गुरुद्वारा साहिब के बाहर जाम लगाकर धरना दे दिया। जिससे फिर पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और एसपी हेडक्वार्टर जसवीर सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उसके बाद पुलिस की ओर से ग्रंथी सिंह को छोड़े जाने के बाद सिख जत्थेबंदियों ने धरना हटाया।