अलग-अलग सिख जत्थेबंदियों ने रविवार को श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास की। इससे पहले इन सिख जत्थेबंदियों ने फूलां सिंह बुर्ज से लेकर श्री हरमंदिर साहिब तक पैदल मार्च निकाला। अलग-अलग सिख जत्थेबंदियों ने शनिवार को श्री हरमंदिर साहिब में बेअदबी की कोशिश की निंदा करते हुए कहा कि बहुत जल्द अमृतसर में एक बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा।
श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी के बलबीर सिंह मुछल ने बताया कि यह पैदल मार्च गायब हुए श्री गुरुग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों को लेकर निकाला गया। उन्होंने बताया कि किसान मोर्चे से पहले 328 स्वरूप गायब होने को लेकर एसजीपीसी के समुद्री हाल दफ्तर के सामने एक मोर्चा लगाया था। तब हम उसका हिसाब पूछने आए थे तो 40 दिनों बाद लाठियां बरसाई गईं। इस दौरान किसान आंदोलन शुरू हो गया और सच्चे पातशाह की मेहर के चलते किसानों की जीत हुई। किसानों से प्रार्थना करते हैं कि अपनी ही नहीं बल्कि लोगों की जमीनों को भी बचा दिया अब अपने गांवों की ओर ध्यान दें।
गांव वाले करें श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की रक्षा
श्री गुरुग्रंथ साहिब जी सिर्फ हमारा नहीं बल्कि पूरी कौम का है। हम सभी एक प्लेटफार्म पर आकर इसका न्याय लें। अगर हम कानून हाथ में लेते हैं तो कानून हमारे खिलाफ कार्रवाई कर देता है। उन्होंने गांव के लोगों को जागरुक करते हुए कहा कि यहां तो बड़े-बड़े वेतन देकर पहरेदारी की जाती है, जबकि गांवों के गुरुद्वारों में ऐसा नहीं। इसलिए गांव वालों को अपने गांवों में स्थित गुरुद्वारा साहिब और पवित्र ग्रंथ श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की रक्षा करनी है।