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ऐसे चमकी चन्नी की किस्मत: ऐन वक्त में कटा सुखजिंदर रंधावा का पत्ता, पढ़ें- नवजोत सिंह सिद्धू ने क्यो जताई आपत्ति

Sun, 19 Sep 2021 10:42 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

लंबे सियासी मंथन के बाद कांग्रेस हाईकमान ने चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का अगला मुख्यमंत्री चुन लिया है। चन्नी से पहले कई नाम इस रेस में थे लेकिन नेताओं के आपसी विरोध में चन्नी की किस्मत चमक गई। दलित नेता होने का भी फायदा उन्हें मिले। खास बात यह है कि चन्नी के नाम पर सभी ने सहमति जताई।
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सुखजिंदर सिंह रंधावा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद पंजाब विधायक दल का नया नेता चुनने की दो दिन तक जारी रही कवायद का नतीजा विचित्र रहा। कैप्टन को मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए महीनों तक लामबंद रहे नवजोत सिंह सिद्धू और सुखजिंदर सिंह रंधावा रविवार को खुद ही सीएम पद हासिल करने की दौड़ में एक-दूसरे को मात देने में जुट गए। 

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मुकाबला शाम तक जारी रहा, सिद्धू के समर्थकों ने इसे लेकर रविवार को अभियान भी छेड़ा लेकिन पार्टी हाईकमान ने सिद्धू और रंधावा के दावों को साइड करते हुए चरणजीत सिंह चन्नी को प्रदेश की कमान सौंप दी। शनिवार शाम विधायक दल की बैठक के बाद जहां सुनील जाखड़ का नाम सामने आया था तो वहीं रविवार सुबह सुखजिंदर सिंह रंधावा की मुहिम ने पीछे छोड़ दिया। 

रंधावा ने हिंदू नेता के रूप में जाखड़ को डिप्टी सीएम बनाने का मुद्दा उठाया और साथ ही मुख्यमंत्री पद किसी जाट-सिख को सौंपने की मांग की। इस तरह जाट-सिख नेता की चर्चा छिड़ते ही सबसे पहला नाम सुखजिंदर सिंह रंधावा का ही आगे चलने लगा। सुबह शुरू हुई बैठक में रंधावा के नाम पर अधिकतर नेताओं ने सहमति भी जता दी।

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दूसरी ओर, पार्टी पर्यवेक्षकों के साथ बातचीत के दौरान रंधावा की दावेदारी पर सवाल उठाते हुए सिद्धू ने अपनी दावेदारी पेश कर दी, जिसे हरीश रावत ने यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि आपके (सिद्धू के) पास प्रदेश प्रधान का पद है, इसलिए दूसरे पद के लिए दावा पेश नहीं किया जा सकता लेकिन यह खबर सिद्धू समर्थकों तक पहुंचते ही हलचल तेज हो गई।

सिद्धू समर्थकों ने जाट-सिख मुख्यमंत्री के तौर पर नवजोत सिद्धू को पद सौंपने की मांग की और नारेबाजी शुरू कर दी। सिद्धू के समर्थक इस बात पर अड़ गए कि मुख्यमंत्री पद सिद्धू को ही दिया जाए। आखिरकार सिद्धू और रंधावा की खींचतान का सीधा लाभ चरणजीत चन्नी को मिला। रंधावा ने दलित-सिख नेता के रूप में पर्यवेक्षकों को चन्नी का नाम सुझाया। इस पर सिद्धू को भी सहमति देनी पड़ी। हाईकमान ने भी तुरंत दलित नेता को तरजीह देते हुए चरनजीत चन्नी के नाम पर सबकी सहमति ली और उन्हें सीएम घोषित कर दिया।

डेरा बाबा नानक में खुशी के बाद मायूस हुए रंधावा समर्थक
सोशल मीडिया पर जब पंजाब के सीएम के तौर सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम सामने आया तो रंधावा के विधानसभा क्षेत्र डेरा बाबा नानक के लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा। कांग्रेस कार्यकर्ता यह खबर सुन ढोल की थाप पर झूमने लगे। इसके बाद डेरा बाबा नानक के चौक पर लड्डू बांटे गए। खुशी में जमकर आतिशबाजी भी हुई। 

डेरा बाबा नानक के लोगों ने जमकर जश्न मनाया लेकिन रविवार को देर शाम को जब पता चला कि सुखजिंदर सिंह रंधावा की जगह अब चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की गई है तो स्थानीय लोगों और रंधावा समर्थकों में मायूसी छा गई। 
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