महंगाई की मार ने एक बार फिर आम जनता की कमर तोड़ दी है। रोजमर्रा के जरूरी सामानों के दाम फिर से बढ़ गए हैं। खाद्य तेल, दूध, ब्रेड के महंगे होने बाद अब चीनी के दाम में भी चार रुपये तक का उछाल आ गया है। वहीं कई कंपनियों दाम बढ़ाने के बजाय प्रोडक्ट का वजन कम कर रही हैं। इनमें चिप्स, बिस्किट और नमकीन शामिल हैं।
लोगों का कहना है कि इस समय महंगाई चरम पर है। कोई भी चीज सस्ती नहीं है। पेट्रोल-डीजल के बाद अब रसोई गैस के दाम भी बढ़ गए हैं। 15 दिन में रसोई गैस के दाम में 50 रुपये का इजाफा हुआ है। चंडीगढ़ में रसोई गैस सिलिंडर 902 रुपये का मिल रहा है। सेक्टर-8 में ढाबा चलाने वाले रोहित कुमार का कहना है कि कोरोना के बाद सरकार जरूरी चीजों के दाम बढ़ाती जा रही है, ऐसे में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार को महंगाई पर अंकुश लगाने की जरूरत है।
उत्पाद तीन अगस्त तीन सितंबर
ब्रेड 35 रुपये 40 रुपये
मक्खन (100 ग्राम का पैकेट) 48 रुपये 50 रुपये
अंडे (30 अंडों का ट्रे) 160 रुपये 175 रुपये
पनीर (200 ग्राम का पैकेट) 70 रुपये 75 रुपये
चीनी (प्रति किलो) 38 रुपये 42 रुपये
बेसन (प्रति किलो) 90 रुपये 100 रुपये
सरसों का तेल (एक लीटर) 140 रुपये 180 रुपये
सोयाबीन का तेल (एक लीटर) 140 रुपये 151 रुपये
अरहर दाल (प्रति किलो) 110 रुपये 120 रुपये
मूंग दाल (प्रति किलो) 100 रुपये 110 रुपये
उड़द दाल (प्रति किलो) 100 रुपये 110 रुपये
काले चना (प्रति किलो) 80 रुपये 85 रुपये
सफेद चना (प्रति किलो) 90 रुपये 100 रुपये
आटा (10 किलो का पैकेट) 240 रुपये 250 रुपये
महंगाई बढ़ती जा रही है, लेकिन आमदनी वही है। ऐसे में कारोबार और घर चलाना कठिन हो गया है। दुख की बात यह है कि सरकार ने सुनने से भी इनकार कर दिया है। ऐसी स्थिति में अब लोग कहां जाएं। - रमेश कुमार, ढाबा संचालक, चंडीगढ़
मोदीजी के राज में देश के बड़े उद्योगपतियों अंबानी और अडानी को समर्थन मिल रहा है। इसकी वजह से इन कंपनियों के कई प्रोडक्ट बाजार में आ गए हैं। इस वजह से दूसरे खाद्य सामान भी महंगे हो गए हैं। - सुभाष चावला, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, चंडीगढ़
सब कुछ महंगा हो गया है। कोई भी ऐसी चीज नहीं है, जो सस्ती हो। लोगों का वेतन तो बढ़ा नहीं, ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो गया है। लोग सस्ते हो गए हैं और चीजें महंगी। सरकार का इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं है। -प्रेम गर्ग, संयोजक, आम आदमी पार्टी