पंजाब का दक्षिण-पश्चिम भाग झींगा मछली उत्पादन का हब बनाने के लिए तैयार हो रहा है। पंजाब सरकार के साथ ही केंद्र सरकार ने इस ओर कवायद शुरू कर दी है। केंद्र ने पंजाब सरकार को झींगा मछली उत्पादन के लिए 536 करोड़ रुपये की 4 वर्षीय योजना का सुझाव दिया है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो जल्द ही इस योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
इस योजना से पंजाब की बेकार पड़ी हजारों एकड़ जमीन उत्पादन का जरिया बनेगी और रोजगार के मौके भी खूब पैदा होंगे। ग्रामीण विकास एवं पशु पालन, डेयरी विकास एवं मछली पालन विभाग की तरफ से भारत सरकार को झींगा मछली पालन, प्रोसेसिंग और मंडीकरण को उत्साहित करने के लिए एक प्रमुख प्रोजेक्ट सौंपा गया है जिसके लिए भारत सरकार ने 536 करोड़ रुपये की लागत वाले 4 वर्षीय प्रोजेक्ट का सुझाव दिया है। यह नौजवानों के लिए नौकरियों के मौके पैदा करने और उन लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में सहायता करेगा जिनको अपनी जमीनों से कोई आय नहीं हो रही थी।
एक साल में दोगुना हुआ उत्पादन
राज्य के दक्षिण-पश्चिम जिलों में झींगा मछली पालन के अधीन क्षेत्र में एक साल में उत्पादन दोगुना हो गया है। साल 2020 में इस क्षेत्र में 400 एकड़ भू-भाग में झींगा मछली का उत्पादन किया जाता था, जो इस साल बढ़कर 800 एकड़ से भी अधिक हो गया है।
120 दिन में 3-5 लाख मुनाफा
विभाग के अनुसार किसान एक एकड़ क्षेत्रफल में झींगा मछली पालन से 120 दिन में 3-5 लाख रुपये का लाभ कमा सकते हैं। साथ ही जिन किसानों के पास अपनी जमीन नहीं है, वह कम से कम 10 वर्षों के लिए ठेके पर जमीन लेकर झींगा मछली पाल सकते हैं।
दक्षिण-पश्चिम पंजाब क्षेत्र में अधिकतर जमीन खारी है। इस कारण से यहां पर झींगा मछली पालन को लेकर किसानों को उत्साहित किया जा रहा है। सरकार कई योजनाएं चला रही है साथ ही उन्हें मछली पालन के लिए प्रेरित भी कर रही है। - तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, पशु पालन एवं मछली पालन मंत्री, पंजाब