फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब: रणनीति बनाने के बाद खरड़ में सड़कों पर उतरे हजारों ईटीटी टीचर, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका

Tue, 28 Sep 2021 05:46 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली

सार

पंजाब के खरड़ में रणनीति बनाने के बाद हजारों ईटीटी टीचरों ने प्रदर्शन किया। टीचर्स को पुलिए ने बैरिकेड लगाकर रोका। इसके बाद पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने मोर्चा संभाल लिया। पुलिस की ओर से सीएम के आवास को जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए। इसके बाद बडे़ अधिकारियों से मिलाने की चर्चा चली।
 
विज्ञापन
खरड़ में जुटे ईटीटी टीचर्स। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब के नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के शहर खरड़ में मंगलवार को ईटीटी टीचर्स मांगें पूरी नहीं होने के विरोध में मंगलवार को सड़कों पर उतर गए। उन्होंने पहले अस्पताल रोड पर जाम लगा दिया। जिससे लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ी। जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वाहन चालक दूसरे रास्तों से निकलते नजर आए।

विज्ञापन


हालांकि सीएम की सिक्योरिटी में पहले से काफी संख्या में जवान तैनात हैं। ऐसे में टीचर उनके घर तक नहीं पहुंच पाए। सूचना मिलते ही प्रशासन के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस ने बैरिकेड लगाकर टीचर्स को रोका । जानकारी के मुताबिक ईटीटी टीचर्स काफी लंबे समय से पक्का करने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे।

पहले पटियाला में संघर्ष कर रहे थे टीचर्स
पहले उनका संघर्ष पटियाला में चल रहा था। सूत्रों की मानें तो टीचर मंगलवार सुबह से ही खरड़ पहुंचने शुरू हो गए थे। काफी समय तक वे पार्क में बैठकर रणनीति बनाते रहे। आखिर दोपहर एक बजे के करीब जब सारे जिलों से टीचर खरड़ पहुंच गए थे, तो उन्होंने अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया। साथ ही सीएम के आवास की तरफ बढ़े, लेकिन वहां पर पहले ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। ऐसे में आगे जाने में सफल नहीं हो पाए। हालांकि टीचरों के इस धरने से आम लोग दिक्कत में आ गए। क्योंकि सीएम के आवास की ओर जो गलियां जाती हैं। वे कई रिहायशी एरिया को जोड़ती हैं।
विज्ञापन


यह पढ़ें: पंजाब में नई उथल पुथल: 75 साल की उम्र वाले नेताओं को रिटायर करने वाली भाजपा को मिलेगा 80 साल का कैप्टन!
विज्ञापन


पुलिस अफसरों ने संभाला मोर्चा
इसके अलावा सब्जी मंडी समेत कई अन्य इलाकों में जाने के अहम रास्ते भी इसी ओर से जाते हैं । लोग हाईवे के जाम से बचने के लिए इन गलियों का सहारा ही लेते हैं। लेकिन टीचरों की वजह से लगी सिक्योरिटी ने उन गलियों को भी रोक दिया। जिससे लोगों को दिक्कतें हुईं। दूसरी तरफ वहां पर स्थित स्कूल के छात्रों को भी दिक्कतें आईं। हालांकि बाद में पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने मोर्चा संभाला। इसके बाद टीचर्स बिखर गए। साथ ही उनकी शिक्षा विभाग के उच्चधिकारियों से मीटिंग करवाने को लेकर रणनीति बन रही है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें