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Patiala: सीएम भगवंत मान बोले- पंजाबी भाषा बोलने पर जुर्माना लगाने वाले शिक्षण संस्थानों पर होगा कड़ा एक्शन

Mon, 12 Dec 2022 07:58 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

सीएम मान ने बताया कि पंजाब खुश किस्मत है कि जी-20 के दो सत्र यहां हो रहे हैं। शिक्षा के विषय पर पहला सत्र 15, 16 और 17 मार्च को होगा। लेबर विषय पर दूसरा सत्र 22-23 जून को होगा। यह सत्र अमृतसर में होंगे और इसमें दुनिया भर से मेहमान शामिल होंगे।
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सीएम भगवंत मान। (फाइल फोटो) - फोटो : twitter
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चेतावनी दी है कि पंजाबी भाषा बोलने पर पाबंदी व जुर्माना लगाने वाले शिक्षण संस्थानों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। सीएम भगवंत मान सोमवार को पंजाबी यूनिवर्सिटी में इंटर-यूनिवर्सिटी यूथ मेले के समापन पर आयोजित समागम में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षण संस्थान अपने कैंपस में पंजाबी बोलने पर जुर्माना लगा रहे हैं। यह गैर वाजिब है क्योंकि पंजाब में रहने वाले सभी लोगों की मातृ भाषा पंजाबी है। 

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उन्होंने पंजाब को दुनिया में अव्वल दर्जे का प्रदेश बनाने के लिए नौजवानों को सक्रिय भूमिका निभाने और सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार नौजवानों को नौकरियां देने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास कर रही है। इसके तहत विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है।
 
अब तक 20,000 से अधिक सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपे जा चुके हैं। इसके साथ ही सरकार रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए पंजाब को औद्योगिक हब के तौर पर विकसित करने पर जुटी है। नौजवानों को हुनर विकास की शिक्षा देने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। 
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पंजाब में होंगे जी-20 के दो सत्र 
सीएम मान ने बताया कि पंजाब खुश किस्मत है कि जी-20 के दो सत्र यहां हो रहे हैं। शिक्षा के विषय पर पहला सत्र 15, 16 और 17 मार्च को होगा। लेबर विषय पर दूसरा सत्र 22-23 जून को होगा। यह सत्र अमृतसर में होंगे और इसमें दुनिया भर से मेहमान शामिल होंगे। इस दौरान पंजाबी सभ्याचार की झलक पेश करते कार्यक्रम पेश किए जाएंगे।

शिक्षा को कर्ज के नीचे नहीं होना चाहिए 
भगवंत मान ने पंजाबी यूनिवर्सिटी पर चढ़े करोड़ों रुपये के कर्ज पर अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि शिक्षा को कर्जे के नीचे नहीं होना चाहिए। इसलिए इस दिशा में उनकी सरकार पूरी कोशिश कर रही है। शिक्षा अगर तीसरा नेत्र है तो सरकार को अपना खजाना रूपी चौथा नेत्र इस तरफ खोल देना चाहिए।

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