मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि बिजली दरों में कटौती का फैसला राज्य में बड़े पैमाने पर सर्वे करवाने के बाद लिया गया है। सोमवार से ही प्रभावी हो गई नई बिजली दरों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि इस फैसले से मेरी पत्नी भी खुश हैं और उन्होंने भी बिजली की दरें घटाने को सही कदम करार दिया है।
चुनावी माहौल में आप के 3 रुपये यूनिट को दिया जवाब
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बिजली दरों में 3 रुपये प्रति यूनिट की कटौती को सियासी हलकों में आम आदमी पार्टी (आप) के बिजली संबंधी एलान के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सरकार बनने पर सभी वर्गों को 3 रुपये प्रति यूनिट बिजली देने का चुनावी वादा किया है। साल 2017 में कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में बिजली दरें घटाने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद निजी बिजली कंपनियों से पिछली सरकार द्वारा किए समझौतों का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बिजली दरें घटाने से वादे से पीछे हट गए थे।
पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांगों को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को महंगाई भत्ते में 11 प्रतिशत वृद्धि करने का एलान किया। इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का मौजूदा 17 प्रतिशत डीए बढ़कर 28 प्रतिशत हो जाएगा। यह फैसला 1 जुलाई, 2021 से लागू होगा। इस फैसले से राज्य सरकार पर 440 करोड़ रुपये का मासिक अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
1 जनवरी 2016 के बाद भर्ती मुलाजिमों को भी वेतन वृद्धि
मुख्यमंत्री ने एलान किया कि जो कर्मचारी एक जनवरी, 2016 के बाद भर्ती हुए हैं, उनको भी बाकी कर्मचारियों की तरह ही संशोधित वेतन में न्यूनतम 15 प्रतिशत वृद्धि का लाभ मिलेगा। हालांकि, संशोधित वेतन निर्धारित करने के मौके पर कनिष्ठ कर्मचारी का वेतन उसके वरिष्ठ की अपेक्षा अधिक तय नहीं होगा।
दो अन्य बिल को दी गई मंजूरी
एसबीएस नगर में लैमरिन टैक स्किल्स यूनिवर्सिटी और एसएएस नगर में प्लाक्षा यूनिवर्सिटी स्थापित करने के लिए अध्यादेशों को बिलों में बदलने की मंजूरी दे दी गई है। इस तरह पंजाब मंत्रिमंडल की मंजूरी के साथ रेलमाजरा बलाचौर एसबीएस नगर में लैमरिन टैक स्किल्स यूनिवर्सिटी पंजाब और आईटी सिटी एसएएस नगर में प्लाक्षा यूनिवर्सिटी पंजाब की स्थापना के लिए रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, मंत्रिमंडल ने बिलों को मंजूर करने के साथ ही पंजाब विधानसभा के आगामी सत्र में इन्हें पेश करने की भी मंजूरी दे दी है।