शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसा चंडीगढ़ देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के सपनों का शहर है। यह शहर आजादी के बाद से भारत का पहला योजनाबद्ध शहर होने के कारण लोकप्रिय है। फ्रांस में जन्में स्विस वास्तुकार ली कार्बूजिए द्वारा यह शहर डिजाइन किया गया है। शहर के कैपिटल कांप्लेक्स को यूनेस्क्रो ने हेरिटेज इमारत का दर्जा भी दिया है। एक नवंबर 1966 को चंडीगढ़ को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। यह शहर अब स्मार्ट सिटी बनने लगा है। 24 घंटे पानी, कैमरों का जाल, साइकिल ट्रैक, इंटीग्रटेड सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर बनाकर इस शहर को आबादी के अनुरूप हाईटेक बनाया जा रहा है।
परिवहन... 21 साल में 6 लाख से ज्यादा गाड़ियां सड़कों पर आईं
आबादी के साथ शहर में गाड़ियों की संख्या बेहद तेजी से बढ़ रही है। ये चिंता की बात है। एक जनवरी 2000 से 21 अक्तूबर 2021 के बीच शहर में 3 लाख 62 हजार 316 मोटरसाइकिलें और दो लाख 93 हजार 645 नई कारें सड़कों पर उतरी हैं। चंडीगढ़ जैसे छोटे शहर के लिए निजी वाहनों की ये संख्या काफी ज्यादा है। इस वजह से ही प्रति व्यक्ति गाड़ियों के मामले में देश में ये पहले नंबर पर है। प्रशासन की एक रिपोर्ट के अनुसार शहर में औसतन एक व्यक्ति पर दो कारें हैं।
आबादी... पांच लाख की आबादी के लिए बनाया था शहर
चंडीगढ़ के निर्माता ली कार्बूजिए के ओरिजनल प्लान के अनुसार शहर को दो फेज में बांटा गया था और इसे कुल पांच लाख लोगों के लिए बनाया गया था। पहले फेज में सेक्टर-1 से सेक्टर-30 को रखा गया था और इसमें डेढ़ लाख लोगों को बसाने की योजना थी। दूसरे फेज में सेक्टर-31 से सेक्टर-47 को रखा गया और यहां साढ़े तीन लाख लोगों को बसाने की योजना बनाई गई थी। पहले फेज के सेक्टरों में कम ऊंचाई वाले मकान बनाए गए थे, जबकि दूसरे फेज के सेक्टरों में चार मंजिला अपार्टमेंट्स बनाए गए। हालांकि आज चंडीगढ़ में पेरी फेरी में ही लाखों लोग रहते हैं। प्रशासन ने अनुसार वर्तमान में चंडीगढ़ की जनसंख्या 12 से 13 लाख के बीच है।
रोजगार... स्टार्टअप से बढ़ रहा शहर के युवाओं का जज्बा
प्रशासन शहर में न्यू ऐज बिजनेस को बढ़ावा दे रहा है। नतीजतन, चंडीगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में करीब 20 फीसदी स्टार्टअप बढ़े हैं। इनमें सबसे ज्यादा आईटी, हेल्थकेयर, एजुकेशन, फूड, एप्लीकेशन डेवलपमेंट, व्यावसायिक सहायता सेवाएं, आईटी परामर्श व अन्य क्षेत्र से संबंधित हैं। शहर में बड़े उद्योग भले पलायन कर रहे हैं लेकिन युवा उद्यमी चंडीगढ़ की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। यही कारण है कि वर्ष 2018 में स्टार्टअप इंडिया के शुरू होने के बाद शहर में वर्तमान में 200 के करीब स्टार्टअप काम कर रहे हैं। अहम बात यह है कि 35 से 45 प्रतिशत स्टार्टअप ऐसे हैं, जिनके नेतृत्व टीम में एक महिला उद्यमी हैं। चंडीगढ़ में अलग-अलग चरणों में 800 के करीब स्टार्टअप हैं।
पर्यटन...पर्यटन को बढ़ाने के लिए बदल रहा नजरिया
चंडीगढ़ की बनावट व खूबसूरती का हर कोई कायल है। इसी को देखते हुए शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई पहल किए जा रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम किया जा रहा है, ताकि एक ही जगह से सभी पर्यटन स्थलों की टिकट, बोटिंग, फिल्मों की शूटिंग आदि की इजाजत मिल सके। विरासती स्थलों से स्कूली बच्चों को जोड़ा जा रहा है। रॉक गार्डन में गाइड की व्यवस्था की जाएगी। फ्रांस व अन्य यूरोपीय देशों में प्रचार प्रसार किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग चंडीगढ़ दर्शन करें। विभाग तीन नवंबर तक लोगों से पूछ रहा है कि उन्हें क्या-क्या पसंद है। उसके अनुसार ही भविष्य में कार्यक्रम कराए जाएंगे। ये फॉर्म पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
शिक्षा...इंजीनियरिंग व मेडिकल क्षेत्र में चंडीगढ़ की अलग पहचान
चंडीगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा नाम है। यह शहर लगातार शिक्षा में अपना दायर बढ़ा रहा है। यहां मेडिकल से लेकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई बड़े स्तर पर होती है। यहां 11 राज्यों के तीन लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। आर्किटेक्ट, कानून, टूरिज्म, मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए भी हर साल 30 से 40 हजार विद्यार्थी इन क्षेत्रों में भाग्य आजमा रहे हैं। पंजाब विश्वविद्यालय, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, पीजीआई, मेडिकल कॉलेज देश में अलग पहचान रखते हैं। पीयू के यूबीएस सेंटर के एमबीए की अलग पहचान है। वहीं कानून की पढ़ाई भी यहां से बेहतर होती है। कुल मिलाकर चंडीगढ़ शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन गया है।
स्वास्थ्य
महामारी के दौरान सरकार के निर्देश पर पीजीआई को कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाने का निर्देश मिला, जिसे बखूबी पूरा करते हुए चंडीगढ़ में कोरोनाग्रस्त 7208 मरीजों को भर्ती कर इलाज की सुविधा मुहैया कराई गई। पीजीआई में कई बड़ी योजनाएं पूरी होने से मरीजों को उच्च श्रेणी की चिकित्सा सेवा उपलब्ध होगी। इनमें 300 बेड का मदद एंड चाइल्ड केयर सेंटर, फिरोजपुर सैटेलाइट सेंटर, संगरूर सैटेलाइट सेंटर, ऊना सैटेलाइट सेंटर व हिमाचल और पंजाब में स्वीकृत तीन सैटेलाइट सेंटर शामिल हैं। पीजीआई में निर्माणाधीन 300 बेड के एडवांस न्यूरोसाइंस सेंटर की सुविधा 2022 में मिलने लगेगी। वहीं दूसरी तरफ जीएमसीएच- 32 में 300 बेड के ट्रामा सेंटर और 300 बेड के मदर चाइल्ड केयर सेंटर का भी निर्माण दो से तीन साल के बीच पूरा कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के तहत जीएमएसएच-16 में 300 बेड के मदर चाइल्ड केयर सेंटर का निर्माण भी शीघ्र शुरू होने वाला है।
एक नजर मरीजों पर
राज्य मरीज
पंजाब 1087420
चंडीगढ़ 546468
हरियाणा 541764
हिमाचल प्रदेश 359273
उत्तर प्रदेश 133554
जम्मू कश्मीर 74131
अन्य राज्य 91970