दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बयान मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की अपील पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कुमार विश्वास गिरफ्तारी पर 22 अगस्त तक बढ़ा दिया है। कुमार विश्वास ने याचिका दाखिल कर बताया कि उनके खिलाफ 12 अप्रैल को रोपड़ में एफआईआर दर्ज की गई थी।
यह एफआईआर न सिर्फ कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन कर दर्ज की गई है बल्कि यह राजनीतिक रंजिश का नतीजा है। इस एफआईआर को अपने विरोधियों से प्रतिशोध लेने का जरिया बनाया गया है। इन दलीलों के साथ ही एफआईआर को रद्द करने की कुमार विश्वास ने हाईकोर्ट से मांग की है।
कुमार विश्वास ने कहा कि 12 फरवरी को उनके इंटरव्यू को आधार बनाकर रोपड़ में एफआईआर दर्ज की गई जबकि यह इंटरव्यू उन्होंने मुंबई में दिया था। इस एफआईआर को दर्ज करने में पुलिस ने काफी तेजी दिखाई क्योंकि शिकायत 12 अप्रैल को शाम छह बजकर 10 मिनट पर दी गई और उसी समय शाम 7 बजकर 50 मिनट पर एफआईआर दर्ज कर दी गई।
इसके बाद एसआईटी उनके दिल्ली के आवास पर पहुंची लेकिन वह घर पर नहीं थे। याची ने कहा कि उसे इस एफआईआर की कॉपी तक नहीं दी गई। इस एफआईआर की कॉपी पुलिस ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड ही नहीं की थी जबकि उसके पहले और बाद की अन्य एफआईआर वेबसाइट पर अपलोड थीं।
21 अप्रैल को उन्होंने रूपनगर के एसएसपी से एफआईआर की कॉपी मांगी थी जो 22 अप्रैल दोपहर तीन बज कर 20 मिनट में मिली। कुमार विश्वास ने कहा कि पंजाब में आप की सरकार बनने के बाद से लगातार केजरीवाल विरोधियों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं। यह एफआईआर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन होने के साथ ही राजनीतिक रंजिश के का नजीता है। ऐसे में एफआईआर रद्द करने की याचिका में मांग की गई है।