गुरदासपुर में भी किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब जिला गुरदासपुर के धरने के कारण दो ट्रेनों का टाइम बदलना पड़ा। एक ट्रेन रावी एक्सप्रेस को बटाला में रोकना पड़ा। जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। प्रेस सचिव सुखदेव सिंह और जिलाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह खानपुर, रणबीर सिंह डुगरी, गुरप्रताप सिंह ने कहा कि मोदी सरकार किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए सीमा पर घटना का राजनीतिकरण कर रही है।
बठिंडा में बारिश के बावजूद किसान धरने पर डटे रहे। किसान नेता जसवीर सिंह ने बताया कि मोदी सरकार द्वारा जल्द से जल्द कृषि कानून वापस ले। इसके साथ ही लखीमपुर हत्या कांड के आरोपी के खिलाफ जल्द कार्रवाई करे।
फिरोजपुर में किसानों ने आंदोलन शुरू होने से सुबह पांच बजे ही यहां से श्रीगंगानगर जाने वाली फिरोजपुर हनुमानगढ़ पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया। जिससे श्रीगंगानगर जाने वाले यात्रियों को परेशान उठानी पड़ी है। किसानों का आंदोलन सुबह दस बजे शुरू होना था। किसानों ने बस्ती टैंकावाली के पास रेल पटरी पर धरना देकर फिरोजपुर लुधियाना, फिरोजपुर बठिंडा व फिरोजपुर जालंधर रेल सेक्शन बंद कर दिया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर, गुरबच्चन सिंह ने कहा कि बारह जिलों में बीस जगहों पर रेलवे ट्रैक पर धरना लगा कर ट्रेन रोकी हैं।
सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर) में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने सोमवार को सुनाम रेलवे ट्रैक पर चक्काजाम करके 6 घंटे तक धरना दिया। इस दौरान जाखल-लुधियाना रेलवे ट्रैक पूरी तरह से बंद रहा और ट्रैक से गुजरने वाली सभी ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। आंदोलन में भारी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल रहे। यहां लंगर का प्रबंध किया गया था। भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता जगतार सिंह कालाझाड ने कहा कि कृषि कानून रद्द करें और कारपोरेट घरानों के हितों की रक्षा करने वाली नीतियों को खत्म किया जाए। यहां रामशरण सिंह, अजैब सिंह, दर्शन सिंह, हरजीत सिंह, गोबिंद सिंह, हरबंस सिंह, हरपाल सिंह, गोरा सिंह मौजूद रहे।
मुक्तसर में रेलवे स्टेशन व ट्रैक पर किसानों सुबह 10 से शाम 4 बजे तक धरने पर बैठे रहे। यहां किसान सुबह 10 बजे इकट्ठा हुए पर इससे पहले ही फाजिल्का-रेवाड़ी एक्सप्रेस को फाजिल्का से रोक दिया गया था। प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक केंद्र सरकार ये कानून रद्द नहीं कर देती तब तक किसान संघर्ष करते रहेंगे।
फरीदकोट में छह स्थानों पर रेलवे ट्रैक पर चक्का जाम करके रोष जताया। किसानों ने फरीदकोट, कोटकपूरा, रोमाना अलबेल सिंह और जैतो रेलवे स्टेशनों के अलावा कोटकपूरा में रेलवे ओवरब्रिज के नीचे और अडानी स्टोर के समक्ष ट्रैक पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरने देकर केंद्र व यूपी सरकार के खिलाफ रोष जताया। किसान नेता राजबीर सिंह गिल ने बताया कि धरना अवधि के समय के दौरान फरीदकोट जिले में से कोई भी ट्रेन नहीं गुजरी क्योंकि विभाग ने ट्रेनों को फिरोजपुर व बठिंडा रेलवे स्टेशनों पर रोका हुआ था।
लुधियाना में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्गों ने तीन ट्रेन रोकीं। इस दौरान लोगों ने कहा कि किसान अंदोलन खत्म करें जिससे आम लोगों को दिक्कत न आए। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें परेशानी जरूर है, पर वह हर तरफ से किसानों के साथ है। पंजाब में संयुक्त किसान मोर्चे की अपील पर सोमवार को किसानों ने रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया।
किसान आंदोलन के चलते फिरोजपुर डिवीजन ने तीन ट्रेनों के संचालन को कई स्टेशनों पर रोक दिया गया। दो गाड़ियां फिरोजपुर से रवाना ही नहीं हुई। लुधियाना में रोकी गई ट्रेनों में फिरोजपुर चंडीगढ़ एक्सप्रेस, पश्चिम एक्सप्रेस, चंडीगढ़ फिरोजपुर एक्सप्रेस शामिल रहीं। रोजाना सफर करने वाले कई कर्मचारियों को इसे परेशानी का सामना करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश से आए यात्री उलझे पुलिस से
पठानकोट कैंट स्टेशन पर चार घंटे हिमगिरी एक्सप्रेस में फंसे यात्री पुलिस से उलझ पड़े। कुछेक यात्रियों ने समूह बनाकर किसानों के खिलाफ विरोध जताने की कोशिश की तो वहां मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। थाना 2 प्रभारी दविंदर प्रकाश ने यात्रियों को समझाया तो कुछेक यात्रियों ने पुलिस कर्मचारियों को बुरा-भला कहा। आगरा से माता वैष्णो देवी जाने के लिए निकले युवराज, मोहित मिश्रा और कानपुर से आए मनोज त्रिपाठी व संजय कुमार ने कहा कि सरकार से लड़ाई लड़नी है तो मंत्रियों, नेताओं का घेराव करें। सड़कें और रेल रोकने से कृषि कानून रद्द नहीं होंगे।
धरने से पहले कैंट स्टेशन से गुजरी 5 ट्रेन
किसानों के धरने से पहले झेलम एक्सप्रेस, स्यालदाह एक्सप्रेस, दिल्ली-कटरा, बनारस-कटरा, कानपुर-कटरा एक्सप्रेस को 9:45 से पहले जम्मू की रवाना कर दिया गया। इसके अलावा जम्मू से दिल्ली जाने वाली स्पेशल ट्रेन को 7.45 बजे निकाल दिया गया। हिमगिरी एक्सप्रेस 6 घंटे तक कैंट स्टेशन पर फंसी रही। बाकी ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक कर 4 बजे के बाद चलाया गया।