पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों की रसोई पर भी दिखने लगा है। पिछले दिनों दूध के दाम में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद अब कंपनियों ने ब्रेड के दाम भी बढ़ा दिए हैं। बाजार में हर कंपनी ने ब्रेड के दामों में करीबन 5 रुपये प्रति पैकेट तक की बढ़ोतरी कर दी है।
जानकारी के मुताबिक बाजार में ब्रेड कंपनियों में बोन, किट्टी, ब्रिटानिया ने कीमतें बढ़ा दी हैं। पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के कारण खाने-पीने की प्रत्येक वस्तु की कीमतों पर फर्क पड़ रहा है। इसकी मुख्य वजह सामान को लोगों तक पहुंचाने के लिए लगने वाले भाड़े में इजाफा होना बताया जा रहा है।
इलाके के लोगों का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द खाने पीने की चीजों के बढ़ते दामों पर काबू पाना चाहिए। एक तरफ जहां लोग अभी तक कोरोना महामारी के कारण मंदी का दौर झेल रहे हैं, वहीं रसोई का खर्चा बढ़ने के कारण आम जनता पर और मार पड़ेगी। दूध और ब्रेड आम व्यक्ति की जरूरत की वस्तु हैं। अगर सरकार इनकी कीमतों को नियंत्रित नहीं करती है, तो आम व्यक्ति को जीवन यापन करना मुश्किल हो जाएगा।
सरकार नियंत्रण करे तो मिले राहत
पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ने के कारण वस्तुओं को बाजार तक पहुंचाने का भाड़ा बढ़ गया है। इस कारण कंपनियों ने ब्रेड के दामों में बढ़ोतरी की है। बढ़े हुए दामों का दुकानदारों को कोई फायदा नहीं है। अगर सरकार पेट्रोल-डीजल के दामों को नियंत्रित करती है, तो आम जनता को कुछ राहत मिल सकती है। - दीपक गोयल, मालिक गोयल बेकरी
आए दिन बढ़ रहे दाम
आए दिन खाने पीने की चीजों की कीमत बढ़ने के कारण रसोई का बजट खराब हो रखा है। गरीब आदमी यह सोचता है कि वह खाए तो क्या खाए। हर चीज महंगी ही होती जा रही है, जिससे मुसीबत बढ़ रही है। सरकार को जल्द से जल्द बढ़ती कीमतों पर काबू पाना चाहिए। - कृष्णा देवी, स्थानीय निवासी
लगातार बढ़ रहा बोझ
सरकार गरीब जनता के साथ अत्याचार कर रही है। सरकार को खानपान की वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण रखना चाहिए। गरीब व्यक्ति आज के समय में बड़ी मुश्किल से अपना पेट भर पाता है। ऊपर से हर दिन बढ़ने वाली कीमतों के कारण उस पर और बोझ बढ़ता जा रहा है। - लीलाधर मिश्रा, स्थानीय निवासी
ऐसा रहा तो भुखमरी बढे़गी
एक आम आदमी अपना जीवन यापन करने के लिए शौक की वस्तुओं में कटौती कर सकता है, लेकिन जिंदा रहने के लिए उसको खाने की तो जरूरत पड़ेगी ही। अगर सरकार ने खाने-पीने की वस्तुओं की कीमत नियंत्रित नहीं की तो जल्द ही देश में भुखमरी बढ़ने लगेगी। सरकार को चाहिए कि जो रोजाना की खाने पीने की वस्तु हैं, उनकी कीमतों के नियंत्रण के लिए कानून बनाएं। - गुरदीप सिंह, स्थानीय निवासी
इस प्रकार बढ़ी ब्रेड के पैकेट की कीमतें
ब्रांड पहले अब पहले अब पहले अब
किट्टी 30 35 35 40 45 50
ब्रिटानिया 30 35 35 40 55 60
बोन 30 35 35 40 40 45