राख की रार में ग्रामीणों पर हुआ यह लाठीचार्ज बीजेपी व जजपा गठबंधन सरकार के कफन में आखिरी कील साबित होगा। शांतिपूर्ण आंदोलन हमारा संवैधानिक अधिकार है और ग्रामीण इसी अधिकार के तहत यह आंदोलन शांति पूर्वक चला रहे थे। ऐसे में ग्रामीणों पर हुआ लाठीचार्ज व इसमे एक ग्रामीण की मौत अत्यंत निंदनीय है। लाठीचार्ज में हुई ग्रामीण की मौत के बाद शव को बिना परिजनों के अनुमति के पोस्टमार्टम के लिए इस तरह से लाकर उसे लापता करना गैर कानूनी है। हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट ग्रामीणों की इस लड़ाई में उनकी पूरी तरह से कानूनी मदद करेगा। एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल, प्रदेश चेयरमैन, हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट।
सरकार को इस मामले में तुरंत एक्शन लेना चाहिए और किसानों की मांगो का समाधान करना चाहिए। अगर ऐसा ही होता रहा तो बड़ा नुकसान हो सकता है। सरकार मृतक किसान के परिजन को सरकारी नौकरी व घायलों को उचित मुआवजा भी दे। धर्मवीर गोयत, प्रवक्ता, कांग्रेस
जो भी पुलिस अधिकारी व कर्मचारी दोषी है, उसके खिलाफ सरकार को तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मृतक किसान के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा राशि व सरकारी नौकरी दी जाए। यह सरकार पूरी तरह से किसान, व्यापारी, कर्मचारी व मजदूर विरोधी सरकार है। इस सरकार से हर वर्ग का नागरिक दुखी है। बजरंग गर्ग, प्रांतीय अध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल।
संयुक्त किसान मोर्चा इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता है। शनिवार को ज्यादा से ज्यादा संख्या में खेदड़ धरने पर पहुंचे। मृतक धर्मपाल के दाह संस्कार के साथ बड़े आंदोलन का एलान होगा। मृतक धर्मपाल के परिवार को 25 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। श्रद्धानंद राजली, प्रवक्ता, संयुक्त किसान मोर्चा
दमनकारी नीतियों से किसानों की आवाज दबाना चाहती है सरकार: सैलजा
कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हिसार के खेदड़ में पुलिस लाठीचार्ज में एक किसान की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि किसान की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर अत्यंत दुखदाई है। मौजूदा भाजपा-जजपा सरकार दमनकारी नीतियों से लोगों की आवाज को दबाना चाहती है।
किसान की मौत के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए और मृतक किसान के स्वजनों को मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। घायल लोगों को भी सरकार मुआवजा प्रदान करे। इसके साथ ही सरकार आंदोलनकारियों के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान करे। सैलजा ने कहा कि राजीव गांधी थर्मल पॉवर प्लांट की राख के उठान का अधिकार पाने के लिए ग्रामीणों और गोशाला संघर्ष समिति द्वारा बीते 86 दिन से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया जा रहा था, मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेशवासियों पर सरकार का उत्पीड़न बढ़ता ही जा रहा है।