लॉकडाउन के बाद पाकिस्तान में फंसे 300 से अधिक भारतीयों को वापस वतन भेजने के लिए इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास ने कमर कस ली है। भारतीय दूतावास ने उन सभी भारतीयों के दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए हैं, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान वतन जाने के लिए दूतावास से गुहार लगाई है।
पाकिस्तान में फंसे पंजाब के भी कुछ लोग हैं। इन्होंने अभी कुछ दिन पहले वीडिया के जरिए केंद्र सरकार से मदद मांगी थी। ये लोग दो महीने से पाकिस्तान में फंसे हैं। अब पैसे और दवाइयां भी खत्म हो चुकी हैं। गुहार लगाते हुुए इन लोगों ने कहा था कि वतन वापसी के लिए अटारी सड़क सीमा को खोला जाए। अमर उजाला ने पाकिस्तान में फंसे तीन बुजुर्ग पंजाबियों की एक खबर प्रकाशित की थी, जिसमें वह सरकार से वतन वापसी की गुहार लगा रहे थे।
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इनमें से एक पंजाब के संगरूर के रहने वाले हैं। वह अपने एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने पाकिस्तान गए थे और वहीं फंस गए। एक दंपती लुधियाना का है। इसी तरह पाकिस्तान में इस्लामिक शिक्षा के लिए गए कश्मीरी छात्र भी लौटेंगे। जानकारी के अनुसार यह सभी भारतीय अटारी-वाघा सीमा के रास्ते वतन लौटेंगे।
पाकिस्तान में अपने रिश्तेदारों से मिलने गए उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र व गुजरात के लोग भी फंसे और वह भी लौटेंगे। अभी तक भारतीय दूतावास ने वापसी की तारीख नहीं बताई है। दूतावास इन सभी को एक स्थान पर इकट्ठा करेगा फिर मेडिकल जांच के बाद अटारी सीमा से प्रवेश की अनुमति देने पर विचार किया जाएगा।