पंजाब में अभी बिजली संकट से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। सूबे के थर्मल प्लांटों के लिए पूर्वोत्तर के राज्यों से कोयला आने में पांच दिन लगेंगे। पावरकॉम ने भी थर्मल प्लांटों में कोयले के कम होते भंडारण के बाद पंजाब के लोगों से सहयोग और बिजली के कम उपयोग करने की अपील की है।
पंजाब में कोयले की कमी से थर्मल प्लांट बंद होने शुरू हो गए हैं। पावरकॉम कार्यालय की तरफ से सूबे के मुख्यमंत्री को इसकी सूचना दे दी गई है। इसमें कहा गया है कि प्लांटों में कोयले की उपलब्धता बहुत कम है। वर्तमान में तीन थर्मल प्लांट की 5 यूनिटों में कोयले की कमी के कारण उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इस वजह से बिजली कट लगने शुरू हो गए हैं। यहां तक कि किसानों को भी बिजली कट का सामना करना पड़ रहा है।
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मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी कोयल संकट से उबरने के लिए केंद्र से कोयल की आपूर्ति करने की गुहार लगाई है। पावरकॉम ने एक अपील जारी कर लोगों से कहा है कि पूरा देश इस समय बिजली संकट से जूझ रहा है। इसलिए हो सके तो जितनी जरूरत हो उतनी ही बिजली का प्रयोग करें। अनावश्यक रूप से एसी व अन्य बिजली के उपकरणों को न चलाएं।
उधर, पावरकॉम के प्रवक्ता ने कोयले की कमी की बात को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा है कि अभी पंजाब में पांच दिन तक कोयला आने की उम्मीद है। कुछ रैक अभी रास्ते में हैं, जिनके तीन दिन में पहुंचने की उम्मीद है।