हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव के बीच मुरथल गैंगरेप मामले की जांच के लिए गठित ऑल वुमेन स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की प्रमुख डीआईजी राजश्री को बदल दिया गया है। यह जिम्मेदारी अब रेवाड़ी रेंज की आईजी ममता सिंह को सौंपी गई है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक ट्रेनिंग पर जाने की वजह से डीआईजी राजश्री को फिलहाल एसआईटी से बदला गया है, लेकिन माना जा रहा है कि मुरथल मामले में लगातार उठ रहे सवालों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पिछले दिनों विधानसभा में राजश्री की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए गए थे।
इनेलो विधायक जाकिर हुसैन ने डीआईजी के सादी वर्दी में पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाए थे, जिसपर विधानसभा में सरकार को सफाई तक देनी पड़ी थी। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि किसी भी जांच के सिलसिले में सादी वर्दी में न जाएं।
पुलिस विभाग ने मुरथल गैंगरेप की जांच के लिए एसआईटी बनाने के साथ लोगों को इस बारे में जानकारी देने के लिए ईमेल और वाट्सऐप नंबर भी जारी किए गए थे, लेकिन पुलिस लगातार यह कहती रही है कि अब तक कोई शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है।
इस मामले को लेकर लगातार पुलिस की किरकिरी होती आ रही थी और हाल ही में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। हाईकोर्ट ने पुलिस की ओर से दिए गए जवाबों पर भी फटकार लगाई थी।
बीते दिन हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने अदालत को बताया कि मुरथल रेप मामले में उनके पास पीड़ित और गवाहों के आडियो और वीडियो उपलब्ध हैं, जबकि हरियाणा पुलिस बार-बार कोई पीड़ित और गवाह नहीं होने का हवाला दे रही है। उन्होंने अदालत से कहा कि उनके पास एक पीड़ित की मां का आडियो क्लिप है, जिसमें वह बता रही है कि उस रात रेप हुआ था।