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Haryana Budget Session: अंतिम दिन शव का सम्मानजनक निपटान विधेयक समेत कई अहम बिल पास

Wed, 28 Feb 2024 04:04 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

इससे पहले सहकारिता घोटाले को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा का सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
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हरियाणा विधानसभा सत्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा में एंटी करप्शन ब्यूरो के अंतर्गत एक अलग टास्क फोर्स बनाई जाएगी। ये टास्क फोर्स केवल सहकारी समितियों की अनियमितताओं की जांच करेगी। बजट सत्र के अंतिम दिन सीएम मनोहर लाल ने यह एलान किया। विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन कई अहम बिल पास हुए। पानी के मुद्दे पर कांग्रेस ने फिर वॉकआउट कर दिया।
  • शव का सम्मानजनक निपटान विधेयक- 2024 
  • हरियाणा भूमि समेकन संशोधन विधेयक-  2024 
  • ट्रैवल एजेंट का पंजीकरण और विनियमन विधेयक -2024  
  • हिसार महानगर विकास प्राधिकरण विधेयक- 2024  
  • निजी कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण विनयमन विधेयक  
  • हरियाणा राज्य खेल संघ पंजीकरण और विनियमन विधेयक  
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इससे पहले सहकारिता घोटाले को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा का सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। कुछ सहकारी समितियों ने गड़बड़ी की है लेकिन जैसे ही गड़बड़ी की शिकायत विभाग को मिली जांच के बाद कार्रवाई हुई है। 

कांग्रेस विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि चार जिलों में 100 करोड़ का घोटाला सामने आया है लेकिन ये घोटाला 500 करोड़ का है। एमडी नरेश गोयल पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। राव ने कहा कि 2022 में शिकायत आई थी लेकिन इसकी जांच में दो साल लग गए। 
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इनेलो विधायक अभय चौटाला ने कहा कि मंत्री के जवाब से साफ है कि भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। सरकार ने माना है कि सहकारिता विभाग में 100 करोड़ का घोटाला है और मंत्री के जिले में 22 करोड़ का घोटाला है। अभय ने कहा कि एमडी नरेश गोयल के हस्ताक्षर से पैसे निकले हैं। 2014 के बाद से वो एमडी के पद पर हैं। अभय ने ये भी कहा कि नरेश गोयल आरएसएस से संबंध रखते हैं।
अभय चौटाला ने कहा कि मंत्री जवाब दें कि विभाग का ऑडिट दस साल में क्यों नहीं करवाया गया। इससे पहले बजट सत्र के आखिरी दिन राजस्थान को पानी देने के मुद्दे पर कांग्रेस ने वाकआउट किया।

कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने कहा कि सहकारिता विभाग में गरीबों का पैसा होता है इसकी जांच निष्पक्षता से होनी चाहिए। जांच के लिए एक निश्चित समय निर्धारित होना चाहिए। कांग्रेस विधायक शमशेर सिंह गोगी ने कहा कि सरकार में कितने घपले हुए लेकिन अब तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरकार विधानसभा की एक कमेटी बनाए। जो जांच करे। 

सहकारिता मंत्री बनवारी लाल ने कहा कि जैसे ही घपला सामने आया सरकार ने खुद एंटी करप्शन ब्यूरो को जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से मिले ही 100 करोड़ रुपये हैं तो घोटाला 500 करोड़ का कैसे हो सकता है। इस मसले में चार लोगों को डिसमिस कर दिया है बाकी पर जांच जारी है। जिन लोगों ने सरकारी पैसे से प्रॉपर्टी खरीदी है उन सबको अटैच कर दिया गया है। इन सभी से रिकवरी की जाएगी।
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