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दिग्गज धराशाई, दो मंत्रियों पर भारी पड़ा गुर्जर व राव का दांव, पढ़ें भाजपा की 'सोशल इंजीनियरिंग'

Tue, 01 Oct 2019 03:26 PM IST
ajay kumar प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा भाजपा की पहली सूची में कई दिग्गज धराशाई हो गए हैं। पार्टी ने आठ विधायकों का टिकट काट दिया है। जिसमें दो मंत्रियों के नाम भी शामिल हैं। फरीदाबाद से विपुल गोयल और बादशाहपुर से राव नरबीर सिंह का टिकट पार्टी ने काट दिया है। गोयल सरकार में उद्योग मंत्री हैं और नरबीर लोक निर्माण मंत्री।

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सीएम मनेाहर लाल के अधिकतर करीबियों को टिकट मिला है। जबकि बाकी जगह जिताऊ उम्मीदवारों पर पार्टी ने भरोसा जताया है। टिकट वितरण में केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा करवाए गए सर्वे को भी आधार बनाया गया है। सूत्रों का कहना है कि उद्योग मंत्री विपुल गोयल को केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। 

फरीदाबाद के ही एक कार्यक्रम में दोनों नेताओं की भिड़ंत हो गई थी, जिसके बाद कृष्णपाल गुर्जर के लोकसभा चुनाव में विपुल गोयल न तो उनके मंच पर दिखे और नहीं कोई कार्यक्रम आयोजित किया। बताया जाता है कि गोयल ने कुछ नुक्कड़ सभाएं की थीं लेकिन उनमें भी भाजपा को वोट देने की बात की न कि कृष्णपाल गुर्जर को।
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इस से इतर कृष्णपाल गुर्जर ने भी आरोप लगाया था कि गोयल ने चुनाव में प्रतिद्वंदी प्रत्याशी की मदद की न कि उनकी। गुर्जर फरीदबाद में भाजपा के 25 साल पुराने नेता है और विपुल पहली बार विधायक बने हैं। यही कारण विपुल के टिकट कटने के बताए जा रहे हैं।

उधर राव नरबीर के टिकट को लेकर राव इंद्रजीत सिंह खिलाफत कर रहे थे। दोनों का कई वर्षों से छत्तीस का आंकड़ा है, जेा कि जग जाहिर है। इसके अलावा पार्टी के संज्ञान में राव नरबीर की डिग्री को लेकर चल रहा विवाद भी सामने लाया गया। बहरहाल पार्टी में अभी भी कोसली, रेवाड़ी और गुड़गांव सीट को लेकर राव नरबीर पर मंथन जारी है। आने वाले दो दिनों में यह संशय भी साफ हो जाएगा।

प्रेमलता का टिकट कटवाने वाले भी धराशाई
भाजपा में वंशवाद की बेल फैलाने की चाह रखने वाले नेताओं को मुंह की खानी पड़ी है। जो नेता अपने परिवार के लोगों के लिए टिकट की मांग कर रहे थे। उन्होंने हाईकमान के समाने बीरेंद्र सिंह के परिवार का उदाहरण सामने रखा था। पार्टी के सामने यह उदाहरण पेश किया जा रहा था कि बीरेंद्र सिंह केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं और उनके पुत्र को पार्टी ने सांसद भी बनाया। 

ऐसे में उचाना से बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता को टिकट दिया जाना उचित नहीं है, लेकिन पार्टी ने यह तर्क किनारे रखते हुए प्रेमलता को टिकट दिया। वे इस वर्तमान में भी उचाना से भाजपा के टिकट पर विधायक हैं।

आरती राव के टिकट को लेकर राव अभी भी डटे
भाजपा आलाकमान राव इंद्रजीत की बेटी आरती राव को विधानसभा चुनाव में टिकट देने का पक्षधर नहीं है, लेकिन अहिरवाल की राजनीति में राव का अपना जनाधार है। इसकी अनदेखी भी पार्टी नहीं कर सकती, इसलिए अभी भी आरती राव के नाम पर मंथन नहीं रुका है। जिसके चलते आरती राव को टिकट मिल भी सकता है और नहीं भी।
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मच सकती है भगदड़:
भाजपा में दूसरे दलों से आए नेताओं में से भी आठ को टिकट नहीं मिला है। इन नेताओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। संभावना इस बात की है कि एक दो दिन में पार्टी में भगदड़ मचे और टिकट के लिए यह नेता दूसरे दलों में अपनी आस्था दिखाएं। ऐसे में मुख्यमंत्री का स्टैंड साफ है कि जो व्यक्ति टिकट के स्वार्थ को लेकर पार्टी में आया था, वह संभव नहीं है।


दूसरे दलों से आए नेता जिन्हें टिकट नहीं मिला:

  नाम                     पार्टी                विधानसभा

टेकचंद शर्मा               बसपा              पृथला
केहर सिंह रावत          इनेलो              हथीन
रहीस खान                आजाद            पुन्हाना
मक्खन सिंह सिंगला    इनेलो            सिरसा
रविंद्र बलियाला           इनेलो            रतिया
रविंद्र माछरौली          आजाद            समालखा
दिनेश कौशिक           आजाद             पुंडरी
रमपाल माजरा            इनेलो            कलायत
जसबीर देसवाल        आजाद             सफीदों
 

भाजपा के वह नेता जिनका टिकट कटा:

     नाम                    विधानसभा
संतोष सारवान            मुलाना
श्याम सिंह राणा          रादौर
कुलवंत बाजीगर         गुहला
तेजपाल तंवर            सोहना
विपुल गोयल             फरीदाबाद
राव नरबीर               बादशाहपुर
विमला चौधरी           पटौदी
संतोष यादव             अटेली

भाजपा की पहली सूची में 17 जाट
सुभाष बराला, कमलेश ढांडा, महिपाल ढांडा, परमिंद्र ढुल, आदित्य देवीलाल, पवन बेनीवाल, ओपी धनखड़, कैप्टन अभिमन्यु, प्रेमलता, तीर्थ सिंह राणा, सुखविंदर मांडी, सुरेंदर पूनिया,जेपी दलाल, बबिता फोगाट, सतीश नांदल, विक्रम कादियान, परवीन डागर।

एससी:
राजवीर बरादा, बलवंत सिंह,कृष्ण बेदी, रवि तारनवाली, भगवान दास कबीरपंथी, कृष्ण पंवार, संतोष धनोदा, लक्ष्मण नापा, बलकौर सिंह, आशा खेदड़, बिशंभर वाल्मीकि, राम अवतार वाल्मीकि, डा. राकेश कुमार, डा. बनवारी लाल, सत्य प्रकाश जरावता, जगदीश नायर।

पंजाबी:
मनोहर लाल खटटर, अनिल विज, घनश्याम दास अरोड़ा, सुभाष सुधा, डा. किशन मिडढा, मनीष ग्रोवर, विनोद भयाना, सीमा त्रिखा।

ब्राहम्ण:
लतिका शर्मा, नरेश कौशिक, रामबिलास शर्मा, मूलचंद शर्मा,योगेश्वर दत्त, शशिकांत कौशिक, मोहनलाल कौशिक।

वैश्य:
ज्ञान चंद गुप्ता, असीम गोयल, कविता जैन, डा. कमल गुप्ता, घनश्याम सर्राफ,  नरेंद्र गुप्ता, प्रदीप रत्तूसरिया।

गुर्जर:
कंवरपाल, लीलाराम गुर्जर, नागेंद्र भड़ाना, राजेश नागर, बच्चन सिंह आर्य, सोहनपाल छोक्कर।

यादव:
सीताराम यादव, ओम प्रकाश यादव, अभय सिंह यादव, मनीष यादव।

बीसी:
कर्णदेव कांबोज, रामचंद्र कांबोज, रणबीर गंगवा, रामकुमार कश्यप।

मुसलमान:
जाकिर हुसैन, नसीम अहमद, नौकसम चौधरी।

सिख:
बख्शीश सिंह विर्क, संदीप सिंह।

 रोड़:
वेदपाल ऐडवोकेट, हरविंद्र कल्याण।

राजपूत:
संजय सिंह


जातीय समीकरण:
जाट                17
एससी             16
पंजाबी             08
ब्राह्मण            07
वैश्य                07
गुर्जर               06
बीसी                04
यादव               04
मुसलमान         03
रोड                  02
सिख                02
राजपूत            01
सैनी                01

कुल                78
 
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