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विवाद में घिरे हरीश रावत: सिद्धू और कार्यकारी अध्यक्षों को बताया था पंज प्यारे, अब मांगनी पड़ी माफी

Wed, 01 Sep 2021 12:39 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने पंजाब कांग्रेस भवन में नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात के बाद प्रदेश प्रधान और चार कार्यकारी अध्यक्षों को पंच प्यारे की संज्ञा दे दी थी। उन्होंने कहा कि यह मेरे पंच प्यारे हैं। रावत के इस बयान पर शिअद और श्री अकाल तख्त साहिब ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शिअद प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा है कि रावत को अपने इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। वहीं, श्री अकाल तख्त साहिब से भी रावत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया आई है। 
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हरीश रावत
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विस्तार
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पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने अपने पंज प्यारे वाले बयान पर माफी मांग ली है। रावत ने मंगलवार को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू और कार्यकारी अध्यक्षों के लिए पंज प्यारे शब्द का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद विवाद और तेज हो गया था। विपक्षी दलों ने रावत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 

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अकाली दल ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में रावत के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग तक कर डाली है। विवाद को बढ़ता देख बुधवार को रावत ने अपने बयान को लेकर माफी मांगते हुए कहा है कि उन्होंने गलती की है। वे अपनी गलती के लिए माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने राज्य उत्तराखंड में गुरु के घर में झाड़ू लगाकर अपनी इस गलती का प्रायश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा किसी की तुलना पंज प्यारों से करने की नहीं थी।




श्री गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़ा है इतिहास
पंज प्यारे खालसा सिख धर्म के विधिवत दीक्षाप्राप्त अनुयायियों का सामूहिक रूप है। खालसा पंथ की स्थापना श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 13 अप्रैल 1699 को बैसाखी वाले दिन श्री आनंदपुर साहिब में की। इस दिन उन्होंने सर्वप्रथम पंज प्यारों को अमृतपान करवा कर खालसा बनाया और इसके बाद उन पंज प्यारों के हाथों से स्वयं भी अमृतपान किया।

मुझसे कल अपने माननीय अध्यक्ष व चार कार्यकारी अध्यक्षों के लिए पंज प्यारे शब्द का उपयोग करने की गलती हुई है। मैं देश के इतिहास का विद्यार्थी हूं और पंज प्यारों के अग्रणी स्थान की किसी और से तुलना नहीं की जा सकती है। मुझसे ये गलती हुई है, मैं लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए क्षमा प्रार्थी हूं। मैं अपने राज्य उत्तराखंड में गुरु के घर में झाड़ू लगाकर अपनी इस गलती का प्रायश्चित करूंगा। हरीश रावत, पंजाब कांग्रेस प्रभारी

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संगठन को लेकर हुई सिद्धू से चर्चा
मंगलवार को पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने पंजाब कांग्रेस भवन में नवजोत सिंह सिद्धू और कार्यकारी अध्यक्षों से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच चुनाव से पहले संगठन विस्तार पर चर्चा हुई। हरीश रावत ने कहा कि चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी को योग्यता के अनुसार काम सौंपा जाएगा। जल्द ही इसके लिए कमेटियों का भी गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिद्धू ने आश्वासन दिया है कि आने वाले 15 दिनों के भीतर संगठन के ढांचे को लेकर काम शुरू हो जाएगा।

कैप्टन अमरिंदर सिंह से की मुलाकात
उधर, कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात के बाद हरीश रावत ने कहा कि हमने पंजाब के मुख्यमंत्री से तीन कृषि कानूनों के मुद्दे पर राज्य के राज्यपाल से मिलने का अनुरोध किया है। वहीं सीएम ने मुझे बताया कि बिजली खरीद समझौतों (पीपीए) के खिलाफ कुछ कार्रवाई की गई है। पंजाब कांग्रेस में मची खींचतान को शांत कराने मंगलवार को हरीश रावत चंडीगढ़ पहुंचे थे। 
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