एनसीआर में आने वाले अन्य राज्यों को हरियाणा के प्रस्ताव पर कोई आपत्ति नहीं है। यह पहली बार है जब किसी राज्य ने एनसीआर में अपना क्षेत्र घटाने का प्रस्ताव दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि एनसीआर का क्षेत्र घटने जा रहा है। हरियाणा के काफी लोगों को राहत मिलेगी। रुकी हुई परियोजनाएं जल्द सिरे चढ़ पाएंगी।
2018 में शामिल किए गए थे पांच जिले
करनाल, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, जींद और भिवानी जिले को 2018 में एनसीआर में शामिल किया गया था। इससे हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र बढ़कर 25327 वर्ग किलोमीटर हो गया था। इससे पहले प्रदेश के नौ जिले ही एनसीआर में शामिल थे।
डीजल-पेट्रोल वाहनों को मिलेगी राहत
एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर प्रतिबंध है। इससे हरियाणा का काफी बड़ा क्षेत्र प्रभावित हो रहा था। हजारों वाहन सड़कों पर चलने योग्य नहीं थे। इसे लेकर अनेक लोगों ने सरकार से राहत देने का आग्रह किया था। उसके बाद पांच जिलों और तीन तहसीलों को एनसीआर से बाहर रखने का प्रस्ताव तैयार करवाया गया। इसके अलावा अनेक विकास परियोजनाओं पर भी असर पड़ रहा था।