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पंजाब में लॉकडाउन का विरोध: प्रतिबंधों का उल्लंघन कर दुकान खुलवाने पहुंचे किसान संगठन, दिखा मिला-जुला असर

अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब Updated Sat, 08 May 2021 10:11 PM IST

सार

दुकानदार एसोसिएशन मोगा के प्रधान हरप्रीत सिंह मिक्की का कहना है कि राज्य समेत देशभर में कोरोना की स्थिति गंभीर होती जा रही है। ऐसे में सख्त एहतियात बरतने की जरूरत है। मोगा के सभी दुकानदारों को पूर्ण भरोसा है कि जिला प्रशासन द्वारा दुकानदारों का कामकाज देखते हुए जल्द ही कोई योजना बनाई जाएगी, जिसके तहत एक तय समय और दिन के मुताबिक वह अपनी दुकानें खोल सकेंगे। 
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किसानों ने निकाला मार्च। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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विस्तार

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों ने शनिवार को पूरे पंजाब में दुकानदारों से दुकानें खुलवाने का आग्रह करते हुए रोष प्रदर्शन किया। किसान संगठनों ने व्यापारियों से दुकानें खोलकर लॉकडाउन का विरोध करने की अपील की लेकिन इसका मिला-जुला असर देखने को मिला। कहीं किसानों को व्यापारियों का समर्थन मिला तो कहीं व्यापारियों ने कहा कि वे प्रशासन के साथ हैं और इस मुद्दे में वे किसी का हस्तक्षेप नहीं चाहते।


दुकानदार एसोसिएशन मोगा के प्रधान हरप्रीत सिंह मिक्की का कहना है कि राज्य समेत देशभर में कोरोना की स्थिति गंभीर होती जा रही है। ऐसे में सख्त एहतियात बरतने की जरूरत है। मोगा के सभी दुकानदारों को पूर्ण भरोसा है कि जिला प्रशासन द्वारा दुकानदारों का कामकाज देखते हुए जल्द ही कोई योजना बनाई जाएगी, जिसके तहत एक तय समय और दिन के मुताबिक वह अपनी दुकानें खोल सकेंगे। 


वे जिला प्रशासन के साथ हैं और उनकी अनुमति के बिना दुकानें नहीं खोलेंगे। बरनाला में सीआइए प्रभारी इंस्पेक्टर बलजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस सुबह से ही शहर के सभी प्रमुख बाजारों में गश्त करती रही। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। विभिन्न किसान संगठनों ने दुकानदारों के हक में मार्च निकाला लेकिन किसी भी व्यापारी संगठन या दुकानदार ने किसान संगठनों का साथ नहीं दिया।
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किसानों ने किया लॉकडाउन का विरोध। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुरदासपुर में इस मार्च के दौरान मोर्चे को व्यापारिक संगठनों का कोई साथ नहीं मिला और न ही किसी गैर-जरूरी वस्तुओं वाली दुकानें खोली। बटाला और डेरा बाबा नानक में किसान मजदूर जत्थेबंदियों के कार्यकर्ता सड़कों पर निकल पड़े। बटाला में अमृतसर-पठानकोट बाईपास पर सरकार का पुतला भी फूंका गया। डेरा बाबा नानक, घुमाण और कादियां में भी प्रदर्शन किए गए। 

बटाला के अमृतसर-पठानकोट बाईपास पर प्रदर्शन के दौरान किसान-मजदूर यूनियन माझा के प्रधान गुरमुख सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार द्वारा लॉकडाउन को बेतुके तरीके से लागू किया जा रहा है अगर शराब के ठेकों पर कोई खतरा नहीं तो आम दुकानों को खोलने में क्या हर्ज है। अमृतसर में सभी बाजारों में दुकानें बंद रहीं और दुकानों के आगे पुलिस तैनात रही। वहीं लुधियाना में दुकानदार और रेहड़ी वालों ने गिल रोड पर मंडियां सजा लीं और लोग भी मंडियों में खरीदारी करने पहुंच गए।

मुक्तसर में विभिन्न किसान जत्थेबंदियों ने दुकानदारों के पक्ष में रोष मार्च निकाला। मगर दुकानदार किसानों के साथ नहीं चले। इस दौरान किसानों ने कई जगह दुकानों के आसपास बैठे दुकानदारों को दुकानें खोलने को भी कहा, मगर दुकानदारों ने दुकानें बंद ही रखीं। किसानों के इस मार्च में खेत मजदूर भी शामिल हुए।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बठिंडा में भारतीय किसान यूनियन सिदूपुर के बैनर तले किसान टीचर होम में एकत्र हुए। भाकियू सिदूपुर के जिला अध्यक्ष बलदेव सिंह ने कहा कि सरकार कोरोना के नाम पर बाजारों को बंद करवाकर व्यापारियों को आर्थिक तौर पर नुकसान पहुंचा रही है। एक व्यक्ति ने उनके भरोसे दुकान खोल ली लेकिन पुलिस ने समय रहते बंद करवा दी।

पठानकोट में ऑल इंडिया व्यापार मंडल के संगठन मंत्री एलआर सोढी ने कहा कि किसानों ने व्यापारियों की पीड़ा को समझा, इसके लिए वह किसान संगठनों के आभारी हैं। लेकिन, किसानों को इस मसले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। कोई भी व्यापारी प्रशासन और सरकार की सहमति के बिना दुकानें नहीं खोलेगा। 

फिरोजपुर, मल्लांवाला और गुरुहरसहाए में भी किसान जत्थेबंदियों के प्रदर्शन में दुकानदारों ने उनका साथ न देते हुए दुकानें खोली नहीं। थाना सुधार और दाखा में किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने की जानकारी भी मिली है।

नए आदेश जारी होने पर दुकानदारों का गुस्सा पड़ा ठंडा

बता दें कि प्रशासन की ओर से शुक्रवार की रात नए आदेश जारी करते हुए सभी दुकानदारों को ही सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक सोमवार से शुक्रवार तक दुकानें खोलने की मंजूरी दे दी थी। जिसके बाद से दुकानदारों का रोष ठंडा पड़ गया था। आदेश के तहत शनिवार व रविवार को लॉकडाउन रहेगा। इसलिए दुकानदार किसानों के साथ प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए।

संगरूर के बाजार रहे मुकम्मल तौर पर बंद
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के ब्लाक संगरूर के अध्यक्ष गोबिंदर सिंह मंगवाल की अध्यक्षता में सरकार द्वारा लगाए वीकेंड लॉकडाउन का विरोध करते हुए शहर में रोष मार्च निकाला। उन्होंने दुकानदारों से दुकानें खोलकर अपना रोजगार चालू रखने की अपील की लेकिन शहर के तमाम बाजारों में दुकानें दिनभर बंद रहीं। रोष मार्च में बड़ी तादाद में किसान महिलाएं भी शामिल थीं।

बाजारों से पैदल मार्च निकाल कर घरों को लौटे किसान
पटियाला में शनिवार को किसान जत्थेबंदियों का सरकार के विपरीत जाकर गैरजरूरी सामान बेचने वाली दुकानें खुलवाने का प्रोग्राम फेल हो गया। किरती किसान यूनियन और क्रांतिकारी किसान यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान गांवों से महिलाओं को लेकर तय प्रोग्राम के मुताबिक शेरांवाला गेट पहुंचे। यहां से किसानों ने शहर के विभिन्न बाजारों में पैदल मार्च निकाला। इस दौरान किसान नेताओं ने लाउडस्पीकर के जरिये दुकानदारों को दुकानें खोलने की अपील की गई। इसके बावजूद दुकानदारों ने दुकानें खोलने की हिम्मत नहीं की।
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