सेक्टर- 16 अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि ऑक्सीजन कन्संट्रेटर एक पोर्टेबल मशीन है। ऑक्सीजन कन्संट्रेटर में प्रेशर स्विंग एब्जॉर्प्शन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं। ऑक्सीजन कन्संट्रेटर उन जगहों पर ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं, जहां लिक्विड ऑक्सीजन या प्रेशराइज्ड ऑक्सीजन का प्रयोग करना खतरनाक या असुविधाजनक हो। सामान्य तौर पर इसे घरों या छोटे कोविड केयर सेंटरों पर भी उपयोग किया जा सकता है। वातावरण में मौजूद हवा में 70 फीसदी से ज्यादा नाइट्रोजन होती है। ऑक्सीजन कन्संट्रेटर हवा से नाइट्रोजन को अलग करता है और ऑक्सीजन की अधिकता वाली गैस को बाहर निकालता है। एक ट्यूब के जरिए ऑक्सीजन की अधिकता वाली गैस मरीज तक पहुंचती है।
ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का सस्ता स्रोत
ऑक्सीजन कन्संट्रेटर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का सस्ता स्रोत भी है। ऑक्सीजन कन्संट्रेटर बिजली से संचालित किए जाते हैं। डॉ. नागपाल ने बताया कि यह कम ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए ही बेहतर विकल्प है। इसमें बिजली जाने के बाद मरीज को समस्या होने का डर रहता है।
स्वास्थ्य विभाग के पास वर्तमान में 35 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं, लेकिन इनकी क्षमता केवल 5 लीटर है जिससे यह एक मरीज के लिए भी पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करा पाते हैं। प्रशासन ने अब छोटे कोविड सेंटर बनाने के लिए तो कहा दिया, लेकिन ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में समस्या हो रही है। इसलिए ऑक्सीजन कन्संट्रेटर मंगवाए जा रहे हैं ताकि यहां ऑक्सीजन कन्संट्रेटर से इसकी कमी को पूरा किया जा सके।
सलाहकार मनोज परिदा की ओर से हमें ऑक्सीजन कन्संट्रेटर देने के लिए कहा गया है। कमेटी ने इसे सहमति दे दी है। हमने जैम पोर्टल पर टेंडर भी लगा दिया है। कोविड सेस से खरीदने के बाद यह जल्द से जल्द स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएंगे। -केके यादव, निगम आयुक्त