12 सितंबर को नेहा अपनी मां सुनीता को लेकर थाने में शिकायत करने जा रही थी। पंचायत ने किसी तरह उन्हें दोनों को समझाने की कोशिश की। तैश में आकर नेहा की मां ने पंचायत के सामने ही प्रदीप को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बावजूद प्रदीप शांत रहा और पंचायत ने सभी को घर भेज दिया। इसके बाद मेरे भाई सुखचैन सिंह ने नेहा और उसकी मां सुनीता को समझाना चाहा लेकिन नेहा की मां ने दोबारा मेरे भाई सुखचैन के सामने भी प्रदीप को थप्पड़ मारे। इस घटना के बाद प्रदीप मायूस हो गया और शर्म के मारे खुद को कमरे में बंद कर लिया।
13 सितंबर को दोपहर 12 बजे प्रदीप ने घर में जहर निगल लिया। प्रदीप की हालत बिगड़ने पर वो तड़पने लगा। प्रदीप को वह जगरांव के कल्याणी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर गुरचरण सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर आरोपी नेहा और उसकी मां सुनीता को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया था। जहां से न्यायिक हिरासत में लुधियाना की केंद्रीय जेल भेज दिया है।