चंडीगढ़ सेक्टर 19 थाना पुलिस ने दो नाबालिगों की बुरी तरह पिटाई कर दी। दरअसल सेक्टर 18 स्थित सरकारी स्कूल के बाहर खड़ी एक्टिवा से नाबालिगों के दो मोबाइल चोरी हो गए थे। आरोप के अनुसार पुलिस ने नबालिगों को अपने ही मोबाइल चोरी करने की बात कबूलने को कहा। जब उन्होंने इससे इनकार किया तो थाने में तैनात एएसआई अशोक कुमार और हवलदार विकास ने दोनों के पैर और पीठ पर डंडे मारे।
सेक्टर 29 निवासी ने बताया कि सेक्टर 30 निवासी और उसका दोस्त सेक्टर 27 के सरकारी स्कूल में बारहवीं कक्षा में पढ़ते हैं। उनकी बोर्ड की परीक्षा थी। सेक्टर 18 के स्कूल में परीक्षा सेंटर बना। 18 मई को वह सेक्टर 18 स्कूल में परीक्षा देने गए। इस दौरान तीनों अपने मोबाइल एक ही एक्टिवा की डिग्गी में रख कर चले गए। परीक्षा देने के बाद बाहर आए तो देखा एक्टिवा से दो मोबाइल और पर्स चोरी था। जबकि हेलमेट के बीच में रखा एप्पल का मोबाइल चोरी होने से बच गया। पर्स में 500 रुपये थे। इसके बाद नाबालिगों ने सेक्टर 19 थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
दो दिन बाद डीडीआर दर्ज की गई। शनिवार को दो नाबालिगों को एएसआई अशोक कुमार ने कॉल की और कहा थाने आकर मोबाइल ले जाओ, मोबाइल मिल गए हैं। थाने पहुंचने के बाद पुलिस कर्मियों ने कहा कि मोबाइल उन्हीं ने चोरी किए हैं। मोबाइल चोरी की बात से जब बच्चों ने इनकार किया तो अशोक कुमार और हवलदार विकास ने उन्हें डंडों से बुरी तरह पीटा।
पुलिस ने कहा कबूल लो नहीं तो चरस और गांजे का केस डाल देंगे। 10 साल के लिए जेल में जाओगे। नहीं कबूला तो करंट भी लगाएंगे। पुलिसकर्मी उनकी पीठ और पैर के ऊपर खड़े हो गए। आरोप के अनुसार एएसआई जसकर्ण कौर भी उन्हें चोरी की बात कबूल करने के लिए बोल रही थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने चोरी की बात नहीं कबूली तो पुलिस ने कहा बाहर किसी को बताया तो झूठे केस में फंसा देंगे। इसके बाद दोनों के परिजन थाने पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप के अनुसार नाबालिगों को प्राइवेट जगहों पर भी मारा गया। साथ ही गंदी गालियां दी गईं।