पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया का कहना है कि जल्द लुटेरों को पकड़ लिया जाएगा। विशेष टीमें गठित हो चुकीं हैं। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस को बैंक के अंदर से एक खाली कारतूस व तीन राउंड मिले हैं। बैंक के बाहर आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज को खंगाला जा रहा है।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
मंगलवार दोपहर 3:45 बजे मास्क लगाकर ग्राहक बनकर आए तीन लुटेरे बैंक के अंदर घुस गए। सुरक्षाकर्मी रविंद्र ने पूछा, ‘क्या काम है तो उनमें से एक बोला, रुपये जमा कराने हैं।’ जैसे ही सुरक्षाकर्मी दूसरी ओर घूमा पीछे से तीन लुटेरों ने सुरक्षाकर्मी को पकड़ लिया और मारपीट कर उससे बंदूक छीन ली। इस दौरान लुटेरों ने अपनी पिस्तौल निकाल ली।
गन प्वाइंट पर लेकर उन्होंने पहले महिला कैशियर सुनीता से 15 लाख रुपये, जो कि केबिन में रखे थे, बैग में डलवाए फिर स्ट्रांग रूम खुलवाकर करीब 5 लाख रुपये वहां से लूटे, उन्होंने सिक्के वहीं छोड़ दिए। इसके बाद लुटेरों ने मैनेजर अतुल व उनके पास बैठे एक उपभोक्ता सहित सात कर्मचारियों को स्ट्रांग रूम में बंधक बना गेट को ताला लगा दिया।
बोले- 10 मिनट बाद वापस आकर खोल देंगे ताला
लुटेरों ने बंधक बनाए गए मैनेजर, उपभोक्ता और कर्मचारियों से कहा कि हम 10 मिनट में वापस आकर ताला खोल देंगे, किसी को फोन मत करना। लुटेरों ने कर्मचारियों के मोबाइल पहले ही एक तरफ रखवा दिए थे। इसके बाद तीनों लुटेरे बैंक के मुख्य दरवाजे का शीशा तोड़कर बाहर निकले, क्योंकि लुटेरों ने पहले ही मुख्य गेट पर लॉक लगा दिया था, जोकि लौटते हुए उनसे नहीं खुला।
जैसे ही वे बैंक से बाहर निकले तो वहां से पुलिस की एक पीसीआर गुजर रही थी। उसे देखकर बदमाश अचानक हड़बड़ा गए और उन्होंने दो फायर दाग दिए। जिसमें से एक गोली साथ खड़े वाहन पर लगी। यह देखकर पीसीआर में तैनात पुलिसकर्मी भी चौकन्ने हो गए। उन्होंने लुटेरों के पीछे पीसीआर दौड़ा दी लेकिन बदमाश तेजी से पल्सर पर शहर की ओर फुर्र हो गए। पुलिस ने गांव रमाना-रमानी तक उनका पीछा किया लेकिन वे हाथ नहीं आए।