सड़कों को नहीं काटना पड़ेगा, नीचे पाइप डाले जाएंगे
इस बार आई बाढ़ से आबादी को डूबने से बचाने के लिए कई सड़कों को बीच से काटना पड़ा था। भविष्य की सुविधा के लिए सरकार ने निर्णय लिया है कि ऐसे कटाव वाले स्थानों पर सड़कों के नीचे पाइप डाले जाएंगे ताकि भविष्य में कभी पानी निकासी की जरूरत पड़े तो सड़कों को काटना नहीं पड़ेगा और यातायात भी बाधित नहीं होगा।
दावा- बाढ़ से पहले 1100 करोड़ रुपये खर्च किए
डिप्टी सीएम ने दावा किया कि बाढ़ और सूखे से बचाव के लिए हरियाणा सरकार ने 1100 करोड़ रुपये खर्च किए थे। उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाकों में ज्यादा बरसात से पहली बार नदियों में इतना तेज बहाव आया था। इस वजह से बाढ़ के हालात बने। साल 2010 में सिरसा के ओटू हेड 24 हजार क्यूसेक का पानी का बहाव आया था। इसकी वजह से 17 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए थे जबकि इस बार ओटू हेड में 50 हजार क्यूसेक का पानी का बहाव था लेकिन आबादी क्षेत्र में कहीं पानी जमा नहीं हुआ, जो कि सरकार की समय से पहले की तैयारियों को दर्शाता है।