उन्होंने कहा कि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने की प्रेरणा दी और इसके संरक्षक बनके आगे बढ़े हैं। यह ग्रंथ किसी एक धर्म का ग्रंथ नहीं है अपितु पूरी मानवता का ग्रंथ है। पवित्र ग्रंथ गीता का विश्लेषण करने वाला कोई भी व्यक्ति नहीं मिला ताकि इस ग्रंथ के किसी भी बिंदु पर तर्क दे सके। इस ग्रंथ को बार-बार पढ़ने से ही ज्ञान की प्राप्ति होगी और भविष्य में भी इस ग्रंथ के उपदेश प्रासंगिक रहेंगे।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयास से गीता जयंती को अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा मिला। इस ग्रंथ के माध्यम से युवा पीढ़ी को जागृत किया जा रहा है। श्रीलंका के सांस्कृतिक व पर्यटन मंत्री विदुरा विक्रमनायके ने कहा कि इस पावन धरा पर आने से ही अपने आप में एक आध्यात्मिकता की चिंगारी पैदा होती है। इस मौके पर प्रदेश युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष राहुल राणा, करनाल की मेयर रेणू बाला, भाजपा नेता हरपाल सिंह, कुरुक्षेत्र 48 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा, केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
गीता ज्ञान संस्थानम प्रचार-प्रसार का एक अदभुत माध्यम बना
ब्रह्मसरोवर तट पर महाआरती से पहले भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा गीता ज्ञान संस्थानम केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। जीओ संग्रहालय का अवलोकन किया और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने जीओ संग्रहालय के बारे में विस्तार से जानकारी दी और इस संग्रहालय में ही भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप के लाइट एंड साउंड शो को भी देखा। संस्थानम केंद्र में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के प्रयास से बनाए गए यज्ञशाला का उद्घाटन किया और संस्थानम में बने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
नड्डा ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में गीता ज्ञान संस्थानम अहम भूमिका अदा कर रहा है। इस पवित्र स्थल कुरुक्षेत्र में गीता ज्ञान संस्थानम प्रचार-प्रसार का एक अदभुत माध्यम बना है। इससे आने वाली युवा पीढ़ी को पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश से आत्मसात करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के माध्यम से पवित्र ग्रंथ गीता का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और आज पूरे विश्व में पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश पहुंच रहे हैं। आज के परिप्रेक्ष्य में इस संस्थान के द्वारा गीता का प्रचार-प्रसार करना एक अतुलनीय कार्य है। इस पुण्य कार्य में सभी को अपना सहयोग देना चाहिए।