मजीठिया पर अपनी सीट पर जीत हासिल करने के साथ-साथ अपनी पत्नी गुनीव मजीठिया को मजीठा से जिताने का भी दारोमदार है। पूर्वी हलके में जहां शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल से रैलियां कर लोगों से मजीठिया को समर्थन देने की अपील की, वहीं सरकार बनने पर हलके में विकास के पहले छह माह में नतीजे दिखाई देने की भी बात कही।
दूसरी तरफ नवजोत सिद्धू के लिए हलके के लोगों से नहीं मिलना और उनके फोन नहीं उठाना भारी पड़ सकता है। अपने सबसे मजबूत प्रतिद्वंदी मजीठिया के खिलाफ प्रचार अभियान में अपनी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू और बेटी राबिया सिद्धू को उतारा है। सिद्धू ने रूठे नेताओं को मनाने का सिलसिला शुरू किया, ताकि उन्हें शिअद में जाने से रोका जा सके। सिद्धू पहले देश के स्टार प्रचारक थे, अब उनके लिए बाहर से लोगों को बुलाना पड़ रहा है। प्रचार करने पहुंचे सिद्धू को देख कई जगह पर लोगों ने दरवाजे तक नहीं खोले। वह शंकर भगवान की पूजा अर्चना करने और माता वैष्णो देवी के दर्शन करने भी पहुंचे।
भाजपा उम्मीदवार और पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. राजू जगमोहन और आम आदमी पार्टी की जिला प्रधान व उम्मीदवार जीवनजोत कौर भी टक्कर दे रहे हैं। भाजपा के राजू हलके के विकास के लिए लोगों को केंद्र सरकार से ज्यादा से ज्यादा स्कीम लाने के वादे कर रिझा रहे हैं। वे चुनाव प्रचार में बताते हैं कि राज्य और केंद्र के आला अधिकारियों के साथ सीधे संबंध हैं तो कोई भी काम मिनटों में करवाएंगे। दूसरी तरफ आप प्रत्याशी जीवनजोत कौर हलके के बच्चों को शिक्षा और डोर स्टेप पर लोगों को सेहत सुविधाएं देने के वादे कर समर्थन जुटा रही हैं।