वहीं मीडिया ने जब बाबा रामदेव से आईएमए और किसान आंदोलन को लेकर सवाल पूछे तो उन्होंने चुप्पी साध ली। उन्होंने कहा कि इस विवाद के बारे में वो कुछ नहीं बोलेंगे। इस दौरान पतंजलि योग पीठ के महासचिव यश देव शास्त्री, महंत योगी राजनाथ, विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष प्रदीप बंसल, गोशाला सचिव राजेंद्र कुमार, सदस्य आशीष अंचल, जगरूप यादव, सतबीर सांगवान, बसंत यादव, यश बंसल, ऋतु बंसल, आचार्य रविंद्र आदि उपस्थित रहे।
रामदेव के आते ही शुरू हो जाती है आचार्यकुलम की चर्चा
योग गुरु बाबा रामदेव के भिवानी जिले के दौरे पर आते ही लेघां के बाबा मेलनाथ गोमठ में आचार्यकुलम की चर्चा शुरू हो जाती है। हर कोई उनके दौरे को आचार्यकुलम से जोड़ता है। सोमवार दोपहर में जब वो गोमठ लेघां पहुंचे तब भी इसी बात को लेकर चर्चा जारी रही।
उल्लेखनीय है कि गांव लेघां के बाबा मेलनाथ गोमठ में वर्ष 2016 में बाबा रामदेव आचार्यकुलम की स्थापना की थी मगर वह बन नहीं पाया। आचार्यकुलम में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ वैदिक शिक्षा भी देने की बात उठाई गई थी। यह प्रदेश का दूसरा व देशभर का अब तक का तीसरा आचार्यकुलम बनने वाला था।