सरकार ने सात मई को और किट खरीदने के लिए अलग से निविदा निकाली। इसमें 1338 रुपये के हिसाब से फतेह किट खरीदने का समझौता किया। तीसरी निविदा के जरिए कैप्टन सरकार ने एक लाख 50 हजार किटें 1338 रुपये प्रति किट के हिसाब से खरीदीं।
मान ने आरोप लगाया कि किट 837.78 रुपये में मिल रही थी, उसी किट को कैप्टन सरकार ने 500 रुपये महंगी कीमत पर 1338 रुपये में खरीदना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने का अब कैप्टन के पास कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया। आप मांग करती है कि कैप्टन तुरंत मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दें।
घोटाला सरकार का नेतृत्व कर रहे कैप्टनः शिअद
शिरोमिण अकाली दल (शिअद) के नेताओं ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। शिअद प्रवक्ता ने इस मामले पर कहा है कि पंजाब में कैप्टन घोटालों की सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। कोरोना फतेह किट और वैक्सीन को निजी अस्पतालों को बेचे जाने में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है। पंजाब सरकार ने फैसला वापस लेकर यह बात साबित भी कर दी है।
भाजपा ने लगाया ये आरोप
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य अनुज भंडारी पहले ही पंजाब सरकार पर आरोप लगा चुके है कि मंत्रियों ने अपने ही चहेतों को फतेह किट मुहैया करवाने के लिए निविदा उनके ही अनुरूप बनाई।
उन्होंने आरोप लगाया है कि एक सप्लायर को सरकार ने पहले एक फतेह किट के लिए 837 रुपये का रेट दिया था, बाद में उसी सप्लायर को 940 रुपये के हिसाब में आर्डर दिया गया। बाद में इसी फतेह किट को सरकार ने 1226 रुपये में खरीदा। यही नहीं उसके दस दिन के बाद उसी सप्लायर से 1326 रुपये में डेढ़ लाख किट का और आर्डर दे दिया गया।
यह मामला हाईकोर्ट में है, सरकार कोर्ट में ही इसका जवाब देगी। बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब।