फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनिल विज के निशाने पर कांग्रेस: राहुल गांधी से पूछा- करनाल लाठीचार्ज पर ट्वीट किया था, अब मोगा मामले में चुप्पी क्यों

Sat, 04 Sep 2021 01:00 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मोगा में सुखबीर बादल की रैली का विरोध करने पहुंचे किसानों पर लाठीचार्ज का मामला तूल पकड़ने लगा है। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने पंजाब सरकार और कांग्रेस पर पलटवार किया है। दरअसल, करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के बाद पंजाब ने हरियाणा सरकार की जमकर अलोचना की थी। अब अनिल विज ने मोगा मामले को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। और उनकी चुप्पी पर सवाल उठा दिया। 
विज्ञापन
अनिल विज - फोटो : Twitter : @anilvijminister
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब के मोगा में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने पंजाब सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मोगा में किसानों पर लाठियां बरसाई गईं और किसानों को पीटा गया, उसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। यह सब करा-धरा कांग्रेस का है। यह सारा गेम-प्लान कांग्रेस का है और राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए कांग्रेस यह सब कर रही है।

विज्ञापन


हरियाणा सचिवालय में मीडिया से बातचीत में विज ने कहा कि करनाल में हुई घटना के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ट्वीट भी करते हैं और मोगा में तो कांग्रेस की ही सरकार है। इतने भयंकर लाठीचार्ज के बाद भी किसी ने जुबान तक नहीं खोली। उन्होंने कहा कि यह सब पंजाब सरकार ही कर रही है।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में लोगों को मारा गया और बुरी तरह से पीटा गया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेसी स्वयं को ठीक करें फिर दूसरे की बात करें। भूमि अधिग्रहण विधेयक के बारे में उन्होंने कहा कि विधेयक में संशोधन किया गया है और उसे वैधानिक बनाया गया है, जिससे किसी को भी दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस शासनकाल की तरह किसी के साथ धक्काशाही नहीं होने देंगें, क्योंकि आज कांग्रेस पर कई केस चल रहे हैं इसलिए कानून के तहत काम किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

अंबाला में बनाया जा रहा आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक: विज

अंबाला में 1857 की क्रांति के नायकों का बखान करने के लिए बन रहा स्मारक यहां आने वाले पयर्टकों को एक दिन अंबाला में गुजारने के लिए मजबूर करेगा। दिल्ली से शिमला और मनाली जाने वाले पर्यटकों को रोकने में यह स्मारक अहम होगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में पयर्टन को तो बढ़वा मिलेगा ही साथ ही राजस्व भी बढ़ेगा। अभी तक इस रास्ते से जाने वाले टूरिस्ट कुछ देर के लिए पिंजौर गार्डन रुकते हैं। जब अंबाला में माकूल इंतजाम होंगे तो एक टूरिस्ट यहां रुके बिना नहीं जा पाएगा।

गृह मंत्री अनिल विज अंबाला छावनी से विधायक हैं। उनका कहना है कि अंबाला आओगे तो हम से मिल के जाओगे। इस कहावत का मतलब है कि अंबाला आकर स्मारक देखने वालों की संख्या मात्र से ही उन्हें यह सकून मिल जाएगा कि वे उन लोगों से मिल लिए। गृह मंत्री ने कहा कि आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक आजादी की दास्तान बयां करेगा। यह स्मारक संभवत: देश का सबसे बड़ा शहीद स्मारक होगा। इस स्मारक में संग्रहालय भी बनाया जा रहा है, जिसमें लगाई जाने वाली विभिन्न प्रदर्शित वस्तुओं के रख-रखाव व मूल्यांकन के लिए पंडित लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफोरर्मिंग एंड विजुअल आर्टस को कार्य सौंपा जाएगा, क्योंकि इस क्षेत्र में इस संस्थान की विशेषज्ञता है।

इस संबंध में विश्वविद्यालय को उनके द्वारा एक पत्र भी लिखा गया है ताकि वे स्मारक के संग्रहालय में स्थापित किए जाने वाली प्रदर्शित वस्तुओं की जांच व मूल्यांकन कर सकें। इन प्रदर्शित वस्तुओं में मूर्तियां व भित्ती चित्र, धातु स्क्रॉल, फाइबर स्क्रॉल, ऐक्रेलिक शीट-आधारित डिजाइन, सीमेंट आधारित डिजाइन शामिल हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें